किरेन रिजिजू ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उत्तर-दक्षिण विभाजन के बयान का खंडन किया

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर उत्तर-दक्षिण विभाजन को बढ़ावा देने का आरोप लगने के बाद उनकी आलोचना की। रेड्डी ने दावा किया था कि दक्षिण भारतीयों को "दूसरे दर्जे के नागरिक" माना जाता है और उनके करों का उपयोग उत्तरी राज्यों के विकास के लिए किया जाता है। रिजिजू ने इसका खंडन करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ओडिशा (पूर्व), प्रधानमंत्री गुजरात (पश्चिम) और उपराष्ट्रपति तमिलनाडु (दक्षिण) से हैं, जिससे रेड्डी के शीर्ष पदों पर उत्तर भारतीयों के एकाधिकार के दावे का खंडन हुआ। रेड्डी की यह टिप्पणी 7 जून, 2026 को बेंगलुरु में की गई थी, जिसमें तेलंगाना की HYDRAA एजेंसी की हिटलर से विवादास्पद तुलना भी शामिल थी।
क्यों मायने रखता है
यह घटना भारत में क्षेत्रीय असमानताओं, कर हस्तांतरण और प्रतिनिधित्व के इर्द-गिर्द चल रही राजनीतिक बहस को उजागर करती है, जो GS2 में संघवाद और क्षेत्रवाद को समझने के लिए प्रासंगिक है। परिसीमन अभ्यास और उल्लिखित वित्तीय वितरण भारतीय राजव्यवस्था के प्रमुख विषय हैं।
मुख्य तथ्य
- •Date of incident: June 7, 2026
- •Location of Reddy's statement: Bengaluru
- •President's home state: Odisha (East India)
- •Prime Minister's home state: Gujarat (West India)
- •Vice-President's home state: Tamil Nadu (South India)
- •Telangana's anti-encroachment agency: Hyderabad Disaster Response and Asset Protection Agency (HYDRAA)
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