दिल्ली हाईकोर्ट ने ध्रुव राठी के वीडियो हटाने की याचिका पर 15 दिन की समय सीमा तय की
दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (GAC) को ध्रुव राठी के एक YouTube वीडियो को हटाने की अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है। मार्च में अपलोड किए गए इस वीडियो में कथित तौर पर दावा किया गया है कि हिंदू देवी-देवता भगवान राम, सीता और भगवान कृष्ण मांस और शराब का सेवन करते थे। कोर्ट ने आदेश का पालन न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा दायर एक याचिका ने कानूनी कार्रवाई शुरू की, जिसमें वीडियो की सामग्री को "आपत्तिजनक और घृणा-उकसाने वाला" बताया गया है। ASG ने तर्क दिया कि YouTube को "हानिकारक और विभाजनकारी" सामग्री को तुरंत हटा देना चाहिए था।
AI सारांश
3 bulletsकोर्ट ने GAC को वीडियो हटाने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार की शिकायत अपीलीय समिति (GAC) को ध्रुव राठी के एक विवादास्पद YouTube वीडियो से संबंधित अपील पर 15 दिनों के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है। MeitY के तहत GAC, ऑनलाइन सामग्री से संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा लिए गए निर्णयों के खिलाफ अपीलों को संभालती है।
कथित सामग्री और विवाद
मार्च में अपलोड किए गए वीडियो में ध्रुव राठी कथित तौर पर यह दावा करते हुए दिखाए गए हैं कि हिंदू देवी-देवता भगवान राम, सीता और भगवान कृष्ण मांस और शराब का सेवन करते थे। याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने इस सामग्री को "आपत्तिजनक और घृणा-उकसाने वाला" माना, जिन्होंने इसे हटाने के लिए याचिका दायर की थी।
सरकार का रुख और तर्क
केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने तर्क दिया कि YouTube को उचित सावधानी बरतनी चाहिए थी और उस सामग्री को तुरंत हटा देना चाहिए था, जिसे उन्होंने "हानिकारक और विभाजनकारी" बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि Google को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सामाजिक कलह पैदा करने वाली और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली सामग्री को उसके मंच पर अनुमति न दी जाए।
अदालत की गैर-अनुपालन पर चेतावनी
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि अदालत के आदेश का कोई भी उल्लंघन गंभीरता से देखा जाएगा। यह ऐसे अपीलों के समय पर समाधान और उसके निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए न्यायपालिका के दृढ़ रुख को रेखांकित करता है।
क्यों मायने रखता है
यह फैसला ऑनलाइन सामग्री पर चल रही कानूनी जाँच को उजागर करता है, विशेष रूप से ऐसे वीडियो जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं, और यह निर्धारित करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और शिकायत निवारण निकायों द्वारा ऐसी शिकायतों को कितनी जल्दीT निपटाया जाना चाहिए।
मुख्य तथ्य
- •Court Order Date: July 3, 2026
- •Deadline for GAC: 15 days
- •YouTuber: Dhruv Rathee
- •Content in Question: Claims Lord Ram, Sita, Krishna consumed meat & alcohol
- •Petitioner: Advocate Amita Sachdeva
- •YouTube Subscribers (Dhruv Rathee): 32.4 million
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