वसीम अकरम ने बॉलिंग एक्शन में की शैतान को कंकड़ मारने की रस्म, छिड़ी बहस

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने हज के दौरान शैतान को कंकड़ मारने की रस्म (रमी) अपने बॉलिंग एक्शन के साथ अदा की, जिससे व्यापक बहस छिड़ गई। जहाँ कई लोगों ने इसे दिलचस्प पाया, वहीं कुछ ने इसे हज की पवित्रता के प्रति अनादर बताया। स्पोर्ट्स एंकर फ़ख़र आलम, जिन्होंने यह वीडियो बनाया, ने बताया कि उन्होंने अकरम को क्रिकेट प्रशंसकों को प्रेरित करने के लिए ऐसा करने को कहा था। पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के चेयरमैन अल्लामा ताहिर अशरफ़ी ने अकरम का बचाव करते हुए कहा कि नियत शैली से ज़्यादा मायने रखती है और यह कोई निषिद्ध कार्य नहीं था। अकरम ने दोस्तों मिस्बाह-उल-हक़ और फ़ख़र आलम के साथ अपने खर्च पर हज किया, इसके व्यक्तिगत महत्व पर जोर दिया।
क्यों मायने रखता है
यह घटना धार्मिक रीति-रिवाजों, मशहूर हस्तियों के प्रभाव और सार्वजनिक धारणा के बीच के संबंध को दर्शाती है, जिस पर अक्सर सोशल मीडिया पर बहस होती है। यूपीएससी/एसएससी के लिए, यह सांस्कृतिक संवेदनशीलता, धार्मिक रीति-रिवाजों (हज) और सार्वजनिक विमर्श से संबंधित है।
मुख्य तथ्य
- •वाजपेयी की उम्र: अकरम 3 जून को 60 साल के हुए / होने वाले हैं।
- •हज में दोस्त: मिस्बाह-उल-हक़, फ़ख़र आलम, उस्मान
- •हज का रुक्न: रमी (शैतान को कंकड़ मारना)
- •रक्षा करने वाला: पाकिस्तान उलेमा काउंसिल के चेयरमैन अल्लामा ताहिर अशरफ़ी
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