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केरू ग्रामीण: कोर्ट के आदेशों के बावजूद अवैध धर्मकांटे जारी

Briovo· 15 Jul 2026, 08:49 pm IST
केरू ग्रामीण: कोर्ट के आदेशों के बावजूद अवैध धर्मकांटे जारी

जोधपुर के केरू में ग्रामीणों ने कृषि भूमि पर अवैध धर्मकांटों के लगातार संचालन को लेकर चिंता जताई है, जबकि अदालत ने ऐसे वाणिज्यिक गतिविधियों पर रोक लगाने के अंतरिम आदेश दिए थे। उन्होंने जोधपुर के तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राजस्व अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया। राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 के तहत कृषि भूमि का उपयोग गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अदालत के निर्देशों को लागू करने और लापरवाह अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो वे आगे कानूनी कार्रवाई करेंगे।

AI सारांश

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कृषि भूमि पर अवैध धर्मकांटे

जोधपुर के केरू में आयोजित एक ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान, ग्रामीणों ने कृषि भूमि पर अवैध धर्मकांटों के संचालन का मुद्दा उठाया। उन्होंने जोधपुर के तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा और मौखिक शिकायतें दर्ज कराईं, जिसमें आरोप लगाया गया कि अंतरिम अदालती आदेशों के बावजूद ये वाणिज्यिक गतिविधियां जारी हैं।

अदालती आदेशों और भूमि कानूनों का उल्लंघन

ग्रामीणों ने राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 का हवाला दिया, जिसके तहत अदालतों ने विशिष्ट कृषि भूमि पर गैर-कृषि और वाणिज्यिक गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया था। इन आदेशों में भूमि की यथास्थिति बनाए रखना और बिना अनुमति के किसी भी निर्माण या भूमि उपयोग परिवर्तन पर रोक लगाना शामिल था।

तहसीलदार पर निष्क्रियता का आरोप

ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि स्पष्ट अंतरिम अदालती आदेशों के बावजूद, वाणिज्यिक गतिविधियां जारी हैं, जिससे प्रवर्तन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि जोधपुर के तहसीलदार, इन मामलों में एक पक्षकार के रूप में, आदेशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी रखते हैं, लेकिन कथित तौर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

जवाबदेही और प्रवर्तन की मांग

ग्रामीण प्रतिनिधियों सोहन जाखड़ और प्रभु बेनीवाल ने कहा कि लगातार गैर-अनुपालन से प्रशासन और कानून व्यवस्था में जनता का विश्वास कम होगा। उन्होंने सभी अंतरिम आदेशों को तत्काल लागू करने, कृषि भूमि पर अवैध धर्मकांटों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्च प्रशासनिक अधिकारियों और सक्षम न्यायालयों से कानूनी कार्रवाई का अनुरोध करेंगे। यह कानून के शासन को सुनिश्चित करने और कृषि भूमि को अनधिकृत वाणिज्यिक शोषण से बचाने के उनके दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है।

क्यों मायने रखता है

अदालती आदेशों के बावजूद कृषि भूमि पर अवैध धर्मकांटों का लगातार संचालन कानून प्रवर्तन में संभावित खामियों को उजागर करता है और स्थानीय भूमि उपयोग नियमों को प्रभावित करता है। यह स्थिति प्रशासन और कानूनी व्यवस्था में जनता के विश्वास को कमजोर करती है, जिससे कृषि समुदाय प्रभावित होते हैं।

मुख्य तथ्य

  • Location: Keru, Jodhpur, Rajasthan
  • Issue: Operation of illegal weighbridges (dharamkantas) on agricultural land
  • Legal Basis: Rajasthan Tenancy Act, 1955; interim court orders
  • Affected Villages: Gewa, Narwa Khichiyan, Keru, Rajwa, Bhuriabhakar, Indroka, Mahadev Nagar Undeda

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