महाराष्ट्र में SC उप-वर्गीकरण के खिलाफ अंबेडकरवादी संगठनों का विरोध
महाराष्ट्र के जालना में हजारों अंबेडकरवादी संगठनों के सदस्यों ने राज्य सरकार के अनुसूचित जातियों के आरक्षण के लिए प्रस्तावित उप-वर्गीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। दलित नेता आनंदराज अंबेडकर के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में तर्क दिया गया कि यह कदम एससी समुदाय को विभाजित करेगा, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को यह विकल्प दिया है लेकिन अनिवार्य नहीं किया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि वह इस निर्णय के साथ आगे बढ़ती है तो उसे गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और परामर्श तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का इंतजार है। सुप्रीम कोर्ट परिमाणात्मक आंकड़ों के आधार पर उप-वर्गीकरण की अनुमति देता है, न कि राजनीतिक सुविधा के आधार पर।
AI सारांश
3 bulletsजालना में विशाल विरोध प्रदर्शन
महाराष्ट्र के जालना में विभिन्न अंबेडकरवादी संगठनों के हजारों सदस्यों ने आरक्षण के लिए अनुसूचित जातियों के प्रस्तावित उप-वर्गीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। मंगलवार को आयोजित इस विरोध मार्च में प्रतिभागियों ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जिला कलेक्टर कार्यालय तक मार्च किया।
दलित नेता की निंदा
दलित नेता आनंदराज अंबेडकर ने महाराष्ट्र सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा की, जोर देकर कहा कि उप-वर्गीकरण से एससी समुदाय विभाजित होगा और उसकी एकता कमजोर होगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि वह इस निर्णय के साथ आगे बढ़ती है तो उसे गंभीर परिणाम और राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी, इस बात पर जोर देते हुए कि सुप्रीम कोर्ट का उप-वर्गीकरण का विकल्प एक अनिवार्य आदेश नहीं है।
सरकार का रुख और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले कहा था कि राज्य सरकार ने अनुसूचित जातियों के उप-वर्गीकरण पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी कार्रवाई विस्तृत परामर्श और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के बाद ही होगी। सुप्रीम कोर्ट पिछड़ेपन और प्रतिनिधित्व के 'परिमाणात्मक और प्रदर्शन योग्य डेटा' के आधार पर उप-वर्गीकरण की अनुमति देता है, न कि 'मनमर्जी' या 'राजनीतिक हित' के आधार पर।
दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
आनंदराज अंबेडकर ने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलनों पर भी बात की, आरोप लगाया कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक दबा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के आंदोलन को कुचलने के प्रयास अंततः पछतावे का कारण बनेंगे, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेने और इस्तीफा देने का आग्रह किया।
क्यों मायने रखता है
अनुसूचित जातियों के प्रस्तावित उप-वर्गीकरण से महाराष्ट्र में आरक्षण नीतियों और अनुसूचित जाति समुदाय की सामाजिक-राजनीतिक एकता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Protest Location: Jalna, Maharashtra
- •Organisers: Ambedkarite organisations
- •Reason for Protest: Proposed sub-categorisation of SCs in reservation
- •Date of Protest: Tuesday
- •Key Leader: Anandraj Ambedkar
- •Government Stance: No final decision made, awaiting consultations
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