अकोला अधिकारी ₹10 हज़ार रिश्वत लेते गिरफ्तार, ₹2.95 करोड़ की संपत्ति उजागर
अकोला के अतिरिक्त जिला रजिस्ट्रार किरण पुरुषोत्तम चौधरी को 26 जून को कथित तौर पर ₹10,000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। 2 जुलाई को उनके सील किए गए जलगांव निवास पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की तलाशी में लगभग ₹2.95 करोड़ की संपत्ति का uncover हुआ, जिसमें ₹1.53 करोड़ से अधिक नकदी, सोना, चांदी और संपत्ति के दस्तावेज शामिल थे। दो relatives को भी सील घर में घुसने की कोशिश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। यह प्रारंभिक रिश्वत मामला अब एक बड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में बदल गया है, जिसमें अधिकारी की substantial संपत्ति के स्रोत की जांच की जा रही है।
AI सारांश
3 bulletsघूसखोरी का आरोप और गिरफ्तारी
अकोला में अतिरिक्त जिला रजिस्ट्रार और स्टाम्प ड्यूटी अधिकारी किरण पुरुषोत्तम चौधरी को 26 जून, 2026 को ₹10,000 की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अकोला ACB इकाई द्वारा की गई इस पहली गिरफ्तारी ने उनके वित्तीय लेन-देन की एक बड़ी जांच को गति दी।
विशाल संपत्ति का खुलासा
2 जुलाई को चौधरी के जलगांव स्थित सील किए गए घर की बाद में तलाशी के दौरान, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने लगभग ₹2.95 करोड़ की कुल संपत्ति का पता लगाया। इस बड़ी बरामदगी में ₹1.53 करोड़ से अधिक नकद, सोने के आभूषण और बिस्कुट, चांदी के आभूषण और महत्वपूर्ण संपत्ति के दस्तावेज शामिल थे।
प्रवेश का प्रयास और अतिरिक्त आरोप
पूरी तलाशी से पहले, 27 जून को, चौधरी के दो रिश्तेदारों, प्रसाद नारखेडे और प्रवीण महाजन को, उनके जलगांव स्थित सील घर में घुसने की कोशिश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इस घटना के कारण उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया, जिससे सबूत नष्ट करने के प्रयास का संदेह पैदा हुआ।
जांच का दायरा बढ़ा
सामने आई बड़ी संपत्तियों ने जांच को रिश्वतखोरी के मामले से आय से अधिक संपत्ति की जांच में तेजी से बदल दिया है। अधिकारी अब चौधरी की संपत्ति के स्रोत की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या यह उनकी ज्ञात और वैध आय से अधिक है।
भविष्य की कानूनी कार्रवाई
चौधरी न्यायिक हिरासत में हैं जबकि ACB unearthed संपत्तियों की अपनी गहन जांच जारी रखे हुए है। निष्कर्षों के आधार पर, धन के संचय या concealment में शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ संभावित आरोपों सहित आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों मायने रखता है
यह मामला सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें और कुछ अधिकारियों द्वारा अवैध रूप से acumuladas महत्वपूर्ण संपत्तियों को उजागर करता है। यह ऐसी अवैध संपत्ति को uncover करने और निपटने में भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों की प्रभावशीलता को भी प्रदर्शित करता है।
मुख्य तथ्य
- •Officer Rank: Additional District Registrar and Stamp Duty Officer (Class-I)
- •Bribe Amount: ₹10,000
- •Total Assets Unearthed: ₹2.94 Crore (approx ₹2.95 Crore)
- •Cash Recovered: ₹1.53 Crore
- •Date of Arrest: June 26, 2026
- •Location of Asset Recovery: Jalgaon residence
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