राम मंदिर में दान गिनती के नियम सख्त, गबन जांच के बीच बदलाव
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में दान की गिनती के लिए नए कड़े नियम लागू किए हैं, जिनमें पॉकेट-रहित यूनिफॉर्म, दो-स्तरीय सुरक्षा जांच और व्यक्तिगत सामान पर प्रतिबंध शामिल है। यह कदम दान के कथित गबन की चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें अब तक आठ गिरफ्तारियां हुई हैं। SIT पिछले पांच वर्षों के लिए ट्रस्ट के खातों का ऑडिट भी कर रही है, जिसमें निर्माण खर्च और दान शामिल हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य दान गिनती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना है।
AI सारांश
3 bulletsदान गिनती में बड़ा बदलाव
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में दान की गिनती प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन उपायों में अनिवार्य पॉकेट रहित यूनिफॉर्म, एक दो-स्तरीय सुरक्षा जांच प्रक्रिया और गिनती हॉल के अंदर मोबाइल फोन, कैमरे और सभी व्यक्तिगत सामान पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। कर्मचारियों को अब मेजों पर बैठने के बजाय फर्श पर बैठकर दान गिनना होगा।
SIT की गबन जांच
ये बढ़ी हुई सुरक्षा प्रोटोकॉल राम मंदिर में दान के कथित गबन की चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बीच लागू की गई हैं। यह जांच 7 जून को आरोपों के सामने आने के बाद शुरू हुई, जिसके परिणामस्वरूप 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई। SIT जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मामले की सक्रिय रूप से जांच कर रही है।
गिरफ्तारियां और पूछताछ
अब तक, मंदिर की दान गिनती प्रक्रिया से जुड़े आठ व्यक्तियों को जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला, जिससे बड़ी नकदी बरामद हुई थी, से अयोध्या पुलिस ने पूछताछ भी की है। आगे की पूछताछ और सबूत जुटाने के साथ जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
ट्रस्ट के खातों की जांच
SIT श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों का नए सिरे से ऑडिट करने वाली है, जिसमें पिछले पांच साल शामिल होंगे। यह समीक्षा विशेष रूप से निर्माण संबंधी खर्चों और नकदी, सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं सहित विभिन्न प्रकार के दान की जांच करेगी। ऑडिट का उद्देश्य किसी भी संभावित वित्तीय अनियमितता का पता लगाना है।
वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ
जांच मंदिर ट्रस्ट के भीतर वरिष्ठ हस्तियों तक पहुंच गई है, SIT ने पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर अधिकारी गोपाल राव से पूछताछ की है। राय और मिश्रा दोनों ने अपने इस्तीफे प्रस्तुत किए हैं, जिन पर 6 जुलाई को ट्रस्ट की आगामी बैठक में विचार होने की उम्मीद है। यह संगठन के भीतर जांच के व्यापक दायरे को इंगित करता है।
राजनीतिक प्रभाव और मांगें
कथित गबन ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया है। कांग्रेस पार्टी ने ट्रस्ट के गठन से पहले एकत्र किए गए दान का सार्वजनिक हिसाब मांगने के साथ-साथ कथित वित्तीय अनियमितताओं की सुप्रीम कोर्ट-निगरानी में जांच की मांग की है। यह राम मंदिर के वित्त की पारदर्शिता में जनता और राजनीतिक हितों को उजागर करता है।
क्यों मायने रखता है
नए नियमों का उद्देश्य अत्यधिक पूजनीय धार्मिक स्थल पर जनता का विश्वास बहाल करना और भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं को रोकना है।
मुख्य तथ्य
- •New Rules Implemented: Pocketless uniforms, 2-tier security, no phones/personal belongings in counting hall
- •Investigation Status: SIT probing alleged embezzlement, 8 arrests made
- •SIT Audit Scope: Trust accounts for past five years, construction costs, various donations
- •FIR Registered: June 25, following preliminary SIT findings
- •Key Accused Interrogated: Avinash Shukla, largest cash recovery from him
- •Senior Figures Questioned: Former general secretary Champat Rai, former trustee Anil Mishra, temple official Gopal Rao
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