Briovo

Article

SikarMedical NegligenceMaternal DeathRajasthan Health

सीकर: डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Briovo· 23 Jul 2026, 09:12 pm IST
सीकर: डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

राजस्थान के सीकर में सिजेरियन डिलीवरी के 34 घंटे बाद 29 वर्षीय दीपा नायक की मौत हो गई। पति का आरोप है कि इंजेक्शन के बाद उनकी हालत बिगड़ी और डॉक्टरों ने उचित इलाज व रेफर करने में देरी की, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजन और ग्रामीण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, उनकी दो बेटियों के लिए आर्थिक सहायता और पति को संविदा पर नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

AI सारांश

3 bullets

डिलीवरी के बाद दुखद निधन

रायपुरा की रहने वाली 29 वर्षीय दीपा नायक का राजस्थान के सीकर में राजकीय जनाना अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के लगभग 34 घंटे बाद निधन हो गया। उनकी असामयिक मृत्यु से एक नवजात बेटी और एक 2.5 साल की बच्ची पीछे रह गई है।

चिकित्सीय लापरवाही के आरोप

दीपा के पति लालचंद नायक का आरोप है कि 22 जुलाई को एक नर्सिंग स्टाफ द्वारा इंजेक्शन दिए जाने के बाद उनकी पत्नी की तबीयत तेजी से बिगड़ गई। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने उचित इलाज देने में देरी की और उनकी बिगड़ती हालत के बावजूद उन्हें जयपुर के किसी अन्य अस्पताल में रेफर करने में काफी देरी की गई।

परिवार का विरोध प्रदर्शन और मांगें

शोक संतप्त परिवार, रायपुरा के ग्रामीणों के साथ, श्री कल्याण अस्पताल की मोर्चरी के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। वे दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई, दीपा की दो बेटियों के लिए 11-11 लाख रुपये की वित्तीय सहायता, उनके पति के लिए संविदा पर सरकारी नौकरी और एक उचित मेडिकल बोर्ड पोस्टमॉर्टम की मांग कर रहे हैं।

अस्पताल ने जांच का आश्वासन दिया

श्री कल्याण राजकीय अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. प्रियंका अमन ने बताया कि मामले की जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की एक समिति गठित की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और तथ्यों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जाएगी।

मातृ स्वास्थ्य के लिए व्यापक चिंताएं

यह घटना राजस्थान में मातृ मृत्यु दर पर चिंताओं के बीच आई है, जहां हाल के महीनों में लगभग 19 मातृ मृत्यु दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए पहले उच्च जोखिम वाली गर्भधारण की निगरानी और गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग के निर्देश जारी किए थे।

क्यों मायने रखता है

यह घटना सरकारी अस्पतालों में चिकित्सीय लापरवाही और रोगी देखभाल के बारे में गंभीर चिंताओं को उजागर करती है, खासकर मातृ स्वास्थ्य के संबंध में। यह प्रसव के दौरान रोकी जा सकने वाली मौतों को रोकने के लिए जवाबदेही और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रोटोकॉल की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।

मुख्य तथ्य

  • Patient's Age: 29 years
  • Hospital: Rajkiya Janana Hospital, Sikar
  • Delivery Type: C-section
  • Time of Death Post-delivery: 34 hours
  • Date of Delivery: July 21
  • Existing Child: One 2.5-year-old daughter

क्या यह मददगार था?

Reader pulse

0 votes
Test yourself

Generate a 5-question quiz from this article.

चर्चा

Discussion (0)

Loading…