नीट प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बीच 25 जुलाई को बिहार बंद का AISA का आह्वान
अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में 25 जुलाई, 2026 को बिहार बंद का आह्वान किया है। यह बिहार भर में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है, जहां छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। जहानाबाद में जिला मजिस्ट्रेट के आवास पर पथराव के बाद पुलिस को 20-30 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। पटना और जहानाबाद में अधिकारियों ने हिंसा में शामिल 100 से अधिक कथित उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की हैं, जबकि भाकपा (माले) ने पुलिस कार्रवाई और AISA नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उनकी तत्काल रिहाई और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आग्रह किया है।
AI सारांश
3 bulletsपुलिस कार्रवाई को लेकर बंद का आह्वान
अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) ने 25 जुलाई, 2026 को बिहार बंद का ऐलान किया है। यह राज्यव्यापी बंद 22 जुलाई को पटना में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज की सीधी प्रतिक्रिया है।
व्यापक विरोध प्रदर्शन और मांगें
वैशाली, मुजफ्फरपुर और दरभंगा सहित बिहार के कई जिलों में छात्र और स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और धरने दे रहे हैं। उनकी प्राथमिक मांग कथित NEET पेपर लीक के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और झड़पें
जहानाबाद में, प्रदर्शनकारियों द्वारा जिला मजिस्ट्रेट के आधिकारिक आवास पर पथराव के बाद पुलिस ने 20 से 30 राउंड फायरिंग की। पटना पुलिस ने 22 जुलाई को प्रदर्शनों के दौरान अपने कर्मियों पर हमले, वाहनों को नुकसान और मीडियाकर्मियों पर हमले की भी सूचना दी, जिससे कथित उपद्रवियों की पहचान की गई।
अधिकारी आंदोलनकारियों की पहचान कर रहे हैं
जहानाबाद और पटना दोनों पुलिस विभागों ने 100 से अधिक व्यक्तियों की तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें जनता से उनकी पहचान करने में मदद करने का आग्रह किया गया है। इन व्यक्तियों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़, हिंसा और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने का आरोप है।
भाकपा (माले) ने कार्रवाई और गिरफ्तारियों की निंदा की
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) बिहार राज्य सचिव कुणाल ने पुलिस लाठीचार्ज, फायरिंग और गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। AISA नेता दीपांकर मिश्रा और सबा आफरीन को कथित तौर पर उनके ठिकाने के बारे में जानकारी के बिना गिरफ्तार किया गया था, जिसे भाकपा (माले) ने नागरिक अधिकारों का blatantly उल्लंघन बताया।
शांतिपूर्ण समर्थन का आह्वान
भाकपा (माले) ने बिहार बंद को नैतिक समर्थन दिया है और छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और नागरिकों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने छात्र समुदाय से भी आग्रह किया कि वे अपने विरोध प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से जारी रखें ताकि उनकी आवाज प्रभावी ढंग से सुनी जा सके।
क्यों मायने रखता है
चल रहे विरोध प्रदर्शन एक राष्ट्रीय परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के महत्वपूर्ण असंतोष को उजागर करते हैं, साथ ही लोकतांत्रिक प्रदर्शनों पर पुलिस की प्रतिक्रिया के बारे में भी चिंताएं हैं।
मुख्य तथ्य
- •Bihar Bandh Date: July 25, 2026
- •Reason for Bandh: Police lathi-charge on NEET protesting students
- •Protest Target: Union Education Minister Dharmendra Pradhan's resignation
- •District with Police Firing: Jehanabad (20-30 rounds fired)
- •Identification of Protesters: Patna & Jehanabad police released photos of over 100 alleged miscreants
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