बारां में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ किसानों का अनिश्चितकालीन धरना
बारां के छबड़ा में युवा नेता नरेश मीणा के नेतृत्व में किसानों ने खाद की कालाबाजारी और अनियमित वितरण के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। बालापुरा गांव से विरोध मार्च के बाद सैकड़ों किसान उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय के बाहर जमा हुए। यह पांच दिन पहले हुए एक प्रदर्शन के बाद हुआ है, जहां किसानों ने खाद की बढ़ी हुई कीमतों (डीएपी ₹1350 के बजाय ₹2100-2200 में बिक रहा है) और जबरन अटैचमेंट बिक्री जैसी समान चिंताएं उठाई थीं। प्रशासन का दावा है कि उसने कालाबाजारी से निपटने के लिए चेक पोस्ट स्थापित किए हैं और एक फर्म का लाइसेंस रद्द कर दिया है, साथ ही डीएपी और एनपीके उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक होने का आश्वासन दिया है।
AI सारांश
3 bulletsकिसानों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
17 जून, 2026 को बारां के छबड़ा में युवा नेता नरेश मीणा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। वे खाद की कालाबाजारी और अनियमित वितरण को समाप्त करने की मांग को लेकर उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय के बाहर जमा हुए। यह विरोध बालापुरा गांव से एसडीएम कार्यालय तक एक पदयात्रा के साथ शुरू हुआ, जो कृषि समुदाय में व्यापक असंतोष को दर्शाता है।
पहले के विरोध प्रदर्शन और आरोप
यह अनिश्चितकालीन धरना एसडीएम कार्यालय में पांच दिन पहले हुए एक ऐसे ही विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ है, जहां किसानों ने खाद की कमी और अवैध प्रथाओं के बारे में चिंता व्यक्त की थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि डीएपी खाद, जिसकी कीमत ₹1350 है, उसे ₹2100-2200 में बेचा जा रहा है, और किसानों को 'अटैचमेंट बिक्री' (खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर) के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, खाद को अवैध रूप से मध्य प्रदेश भेजे जाने के आरोप भी हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और कार्रवाई
एसडीएम सपना कुमारी ने बताया कि प्रशासन कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सूचित किया कि खाद की आवाजाही की निगरानी के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों द्वारा संचालित तीन चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, वर्तमान विरोध से दो दिन पहले कालाबाजारी गतिविधियों में शामिल एक फर्म का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था, और डीलरों को रेट लिस्ट प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
खाद की उपलब्धता
एसडीएम ने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उनके अनुसार, वर्तमान में डीएपी खाद के लगभग 8500 बोरे और एनपीके खाद के 6500 बोरे उपलब्ध हैं, जो किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए। यह बयान किसानों की कमी और खाद प्राप्त करने में कठिनाई की शिकायतों के बीच आया है।
क्यों मायने रखता है
लगातार विरोध प्रदर्शन खाद की कालाबाजारी के महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर करते हैं, जो किसानों की आजीविका और कृषि उत्पादकता को severely प्रभावित करता है। नियंत्रित कीमतों और बाजार दरों के बीच असमानता, साथ ही जबरन साथ में खरीद, किसानों पर वित्तीय बोझ बढ़ाती है। आवश्यक कृषि इनपुट तक उचित पहुंच सुनिश्चित करने और ग्रामीण आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए इस प्रणालीगत समस्या का समाधान करना महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- •Leader of Protest: Naresh Meena
- •Location of Protest: Chhabra, Baran
- •Protest Start Date: June 17, 2026
- •Fertilizer Price Discrepancy: DAP sold at ₹2100-2200 against ₹1350
- •Administrative Action: Check posts set up, one firm's license cancelled
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…