टीएमसी में बगावत: 20 सांसदों ने NDA का किया समर्थन, संकट के बीच ममता ने सोनिया से की मुलाकात

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एक बड़े आंतरिक संकट का सामना कर रही है, जिसमें काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लगभग 20 लोकसभा सांसदों ने संसद में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का समर्थन करने का फैसला किया है। यह बगावत पूर्व राज्यसभा मुख्य सचेतक सुखेन्दु शेखर राय के इस्तीफे और टीएमसी के "15 साल के अराजक शासन" के आरोपों के बीच हुई है। ममता बनर्जी ने दिल्ली में सोनिया गांधी से इंडिया ब्लॉक की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की, जबकि बागी सांसदों ने भाजपा नेताओं और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी मुलाकात की। यह कदम दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए एक अलग गुट बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
क्यों मायने रखता है
एक प्रमुख क्षेत्रीय दल (टीएमसी) के भीतर यह आंतरिक कलह संसद में इंडिया ब्लॉक की ताकत और रणनीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। यूपीएससी/एसएससी के लिए, यह दलगत राजनीति, दलबदल विरोधी कानून (जीएस-2 राजव्यवस्था) और गठबंधन की गतिशीलता को उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
- •Number of TMC MPs supporting NDA: 20
- •TMC's total Lok Sabha MPs: 28 (1 vacancy)
- •Date of TMC's letter to Speaker re-appointing chief whip: May 20, 2026
- •Rajya Sabha Chief Whip who resigned: Sukhendu Sekhar Ray
- •Number of TMC MLAs who defied high command in West Bengal Assembly: 58 out of 80
- •Lok Sabha MP leading rebel faction: Kakoli Ghosh Dastidar
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