सीटू ने केरल में केंद्र की नीतियों के खिलाफ किया ‘जेल भरो’ प्रदर्शन
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने 10 अगस्त, 2026 को केरल भर में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 'जेल भरो आंदोलन' शुरू किया। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष टी.पी. रामकृष्णन के नेतृत्व में तिरुवनंतपुरम में यह राज्यव्यापी कार्रवाई संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और केंद्रीय व्यापार संघों के आह्वान पर की गई है। प्रदर्शनकारी चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर ₹42,000 करने और विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी-ग्राम) तथा मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। यह प्रदर्शन नवंबर में प्रस्तावित अधिक तीव्र राष्ट्रव्यापी विरोधों का अग्रदूत है।
AI सारांश
3 bulletsराज्यव्यापी 'जेल भरो' अभियान
सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने सोमवार, 10 अगस्त, 2026 को केरल भर में 'जेल भरो आंदोलन' शुरू किया। यह जन विरोध प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और केंद्रीय व्यापार संघों (सीटीयू) के राष्ट्रव्यापी आह्वान के जवाब में शुरू किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की 'श्रमिक-विरोधी और किसान-विरोधी नीतियों' के खिलाफ कड़ा विरोध जताना है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें
विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठनों द्वारा रखी गई मांगें बहुआयामी हैं, जो महत्वपूर्ण नीतिगत परिवर्तनों पर केंद्रित हैं। इनमें एनडीए सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताओं को पूरी तरह से रद्द करना और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारी बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने और न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर ₹42,000 प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।
नेता और स्थान
केरल के विभिन्न जिला केंद्रों में इस विरोध प्रदर्शन में व्यापक भागीदारी देखी गई। तिरुवनंतपुरम में, सीटू प्रदेश अध्यक्ष टी.पी. रामकृष्णन ने जनरल पोस्ट ऑफिस के सामने इस आंदोलन का उद्घाटन किया। अन्य प्रमुख नेताओं, जिनमें सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति के सदस्य ई.पी. जयराजन और सीटू महासचिव एलामराम करीम शामिल थे, ने क्रमशः कन्नूर और कोझिकोड में प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के नेता थंपन थॉमस एर्नाकुलम में विरोध प्रदर्शन में सबसे आगे थे।
भविष्य की कार्रवाइयों का अग्रदूत
यह 'जेल भरो' अभियान कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि अधिक तीव्र और व्यापक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों का एक रणनीतिक अग्रदूत है। एसकेएम और सीटीयू ने नवंबर में इन बड़े प्रदर्शनों को शुरू करने की योजना की घोषणा की है, जो केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। यह अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए एक निरंतर प्रयास का संकेत देता है।
क्यों मायने रखता है
यह राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के बीच बढ़ते असंतोष को उजागर करता है। 'जेल भरो' अभियान सरकार पर श्रम कानूनों, कृषि मूल्यों और आर्थिक योजनाओं से संबंधित मांगों को पूरा करने के लिए व्यापक व्यवधानों और निरंतर दबाव का संकेत देता है।
मुख्य तथ्य
- •Protest Date: August 10, 2026
- •Organiser: Centre of Indian Trade Unions (CITU)
- •Location: Across Kerala (Statewide), including Thiruvananthapuram, Kannur, Kozhikode, Ernakulam
- •Key Demand 1: Repeal of four Labour Codes
- •Key Demand 2: Legal guarantee for Minimum Support Price (MSP)
- •Key Demand 3: Minimum wage increase to ₹42,000
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