ईरानी नाकाबंदी से पहले भारतीय टैंकरों ने हॉर्मुज से सुरक्षित मार्ग निकाला
ईरान द्वारा हाल ही में जलडमरूमध्य बंद करने से पहले तीन भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर, "देश वैभव", "देश विभोर" और "सन्मार हेराल्ड", होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गए। ये टैंकर 8.6 लाख टन से अधिक कच्चे तेल और 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों को लेकर भारत आ रहे हैं, जिनके 24 जून से 1 जुलाई के बीच पहुंचने की उम्मीद है। उनकी सुरक्षित निकासी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान ने लेबनान में इजरायली कार्रवाई और कथित अमेरिकी शांति समझौते के उल्लंघन का हवाला देते हुए इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि जलडमरूमध्य खुला है और उसके बल सतर्क हैं, जबकि ईरानी IRGC ने आने वाले जहाजों को चेतावनी दी है।
AI सारांश
3 bulletsतनाव के बीच सुरक्षित मार्ग
तीन भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर, 'देश वैभव', 'देश विभोर' और 'सन्मार हेराल्ड', होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक निकल गए। यह ईरान द्वारा महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद करने की घोषणा से ठीक पहले हुआ, जो क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को उजागर करता है। ये टैंकर 8.6 लाख टन से अधिक कच्चे तेल और कुल 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे हैं।
भारत आ रहे टैंकर
केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सुरक्षित मार्ग की पुष्टि करते हुए कहा कि टैंकर भारत आ रहे हैं। 'देश वैभव' के 24 जून को वडीनार पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है, और 'देश विभोर' उसी दिन सिक्का पोर्ट पर पहुंचेगा। 'सन्मार हेराल्ड' के 1 जुलाई को पारादीप पहुंचने का कार्यक्रम है।
ईरान का जलडमरूमध्य बंद करने का कारण
भारतीय टैंकरों के क्षेत्र से निकलने के तुरंत बाद ईरान ने लेबनान में इजरायली 'अपराधों' का हवाला देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जिसे तेहरान के अनुसार एक युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया गया। ईरान के सर्वोच्च नेता के एक सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने अमेरिका पर युद्धविराम से संबंधित उनके अंतरिम समझौते के एक प्रमुख खंड को लागू न करने का भी आरोप लगाया। IRGC ने जलडमरूमध्य के पास आने वाले जहाजों को चेतावनी दी है।
अमेरिकी प्रतिक्रिया और निगरानी
संयुक्त राज्य अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने ईरान की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से सुरक्षित मार्ग 'अक्षुण्ण' रहा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित नहीं करता है और अमेरिकी बल traffic के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए 'मौजूद और सतर्क' हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई सौदा पूरा नहीं हुआ तो अमेरिका अपने टोल लगा सकता है।
वैश्विक शिपिंग पर प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण चोक पॉइंट है, जिससे इसका बंद होना अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। जबकि भारतीय टैंकरों ने सुरक्षित रूप से क्षेत्र को खाली कर दिया, रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कम से कम छह अन्य भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज अभी भी जलडमरूमध्य के दूसरी तरफ फंसे हुए हैं, स्थिति के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
क्यों मायने रखता है
होर्मुज जलडमरूमध्य तेल और प्राकृतिक गैस शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक चोकपॉइंट है। भू-राजनीतिक तनावों के कारण ईरान द्वारा इसे बंद करने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा सीधे प्रभावित होती है, जिससे भारतीय टैंकरों का सुरक्षित मार्ग भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विकास बन गया है।
मुख्य तथ्य
- •Indian Tankers: 3
- •Oil Carried: Over 8.6 lakh tonnes
- •Crew Members: 94 Indian
- •Arrival in India: June 24 - July 1
- •Strait Closure Reason: Israeli 'crimes' in Lebanon
- •US Stance: Strait remains open
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