जैसलमेर: पत्रिका के 'हरयाळो राजस्थान' अभियान के तहत 200 पौधे रोपे गए
राजस्थान पत्रिका के 'हरयाळो राजस्थान' अभियान ने जैसलमेर में गजरूप सागर रोड स्थित संत नामदेव उद्यान में एक वृक्षारोपण अभियान चलाया, जिसमें 200 पौधे लगाए गए। मरुस्थल में हरित भविष्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस पहल में नामदेव छीपा समाज और पर्यावरण प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अगले चरण के लिए 500 अतिरिक्त पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम की शुरुआत सहजन, आंवला और अमरूद के पौधे लगाकर की गई, जिन्हें स्थानीय जलवायु, पोषण और औषधीय महत्व के लिए चुना गया था। यह अभियान पर्यावरणीय संतुलन के लिए वृक्षारोपण और उनके पोषण के महत्व पर जोर देता है और जलवायु परिवर्तन तथा वनों की कटाई जैसी चुनौतियों का समाधान करता है।
AI सारांश
3 bulletsमरुस्थल में हरित पहल
राजस्थान पत्रिका ने जैसलमेर में 'हरयाळो राजस्थान' अभियान शुरू किया, जिसका मुख्य उद्देश्य रेगिस्तानी क्षेत्र के पर्यावरण को समृद्ध करना है। इस पहल का लक्ष्य सिर्फ हरियाली के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पेड़ लगाना है, जिसमें एक सुरक्षित वातावरण और बेहतर संभावनाओं के महत्व पर जोर दिया गया है।
सामुदायिक भागीदारी और पहला चरण
बुधवार को, अभियान के तहत गजरूप सागर रोड स्थित संत नामदेव उद्यान में 200 पेड़ लगाए गए, जिसमें नामदेव छीपा समाज और पर्यावरण उत्साही लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नामदेव छीपा समाज के अध्यक्ष भगवानदास खत्री ने की और इसमें पूर्व उप जिला प्रमुख डॉ. भूपेंद्र कुमार बारूपाल भी शामिल हुए। स्थानीय जलवायु और उनके पोषण और औषधीय गुणों के लिए उपयुक्त सहजन, आंवला और अमरूद जैसे पेड़ लगाए गए।
भविष्य के लक्ष्य और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व
अभियान ने पार्क परिसर के भीतर अगले चरण में अतिरिक्त 500 पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है, जो एक स्पष्ट दीर्घकालिक दृष्टिकोण को उजागर करता है। कार्यक्रम में डॉ. बारूपाल सहित वक्ताओं ने जोर दिया कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई के सामने एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने न केवल पेड़ लगाने, बल्कि उनके जीवित रहने और बढ़ने को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
हरित भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प
उपस्थित लोगों ने पर्यावरण की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया, अधिक पेड़ लगाने और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने का वादा किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यदि प्रत्येक परिवार सालाना कुछ पेड़ लगाकर उनका पोषण करने के लिए प्रतिबद्ध है, तो रेगिस्तानी परिदृश्य बदल सकता है। प्रकृति के प्रति यह सामूहिक संवेदनशीलता आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सबसे बड़ी संपत्ति मानी जाती है।
क्यों मायने रखता है
'हरयाळो राजस्थान' अभियान जैसलमेर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में मरुस्थलीकरण और जलवायु परिवर्तन से लड़ने, सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- •Location: Sant Namdev Udyan, Gajroop Sagar Road, Jaisalmer
- •Number of trees planted (initial…: 200
- •Target for next phase: 500 trees
- •Types of trees planted: Moringa, Amla, Guava
- •Organizing body: Rajasthan Patrika's 'Haryalo Rajasthan' campaign
- •Key Attendees: Bhagwandas Khatri (President, Namdev Chhipa Samaj), Dr. Bhupendra Kumar Barupal (Former Deputy District Head)
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