Briovo

Article

Bihar BJP MLARaju Kumar SinghCelebratory FiringDelhi Court

बिहार भाजपा विधायक को दिल्ली में हर्ष फायरिंग से मौत मामले में 4 साल की जेल

Briovo· 05 Jul 2026, 07:27 am IST
बिहार भाजपा विधायक को दिल्ली में हर्ष फायरिंग से मौत मामले में 4 साल की जेल

दिल्ली की एक अदालत ने बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 में एक नए साल की पार्टी में हर्ष फायरिंग की घटना में एक महिला, अर्चना गुप्ता, की मौत के लिए चार साल कैद और ₹25 लाख का जुर्माना लगाया है। सिंह को आईपीसी की धारा 304 भाग II (गैर इरादतन हत्या, जो हत्या के बराबर नहीं है, साथ में जानकारी) और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने सिंह के कृत्यों की आलोचना करते हुए कहा कि यह 'बंदूक संस्कृति' और 'शक्ति के दबंग प्रदर्शन' को वैध बनाता है, और 'सिंघम' या 'पुष्पा' जैसे व्यवहार के खिलाफ आग्रह किया। जुर्माना पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा, विधायक की परिवीक्षा की अपील खारिज कर दी गई।

AI सारांश

3 bullets

हर्ष फायरिंग से मौत मामले में विधायक को सजा

दिल्ली की एक अदालत ने बिहार के भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें ₹25 लाख का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया है, जो पीड़िता के परिवार को मुआवजे के तौर पर मिलेगा। यह फैसला 2018 में नए साल की पार्टी में हुई हर्ष फायरिंग की घटना के संबंध में आया है।

घटना का विवरण और पीड़ित

यह घटना 31 दिसंबर, 2018 की रात को दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में हुई थी। हर्ष फायरिंग के दौरान अर्चना गुप्ता नामक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। वह पार्टी में मेहमान के तौर पर अपने पति और बेटी के साथ मौजूद थीं।

बंदूक संस्कृति की अदालत ने कड़ी निंदा की

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सिंह के कृत्यों की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी फायरिंग ने शक्ति प्रदर्शन से प्रेरित 'बंदूक संस्कृति' को वैध बनाया। अदालत ने जोर देकर कहा कि कानून के शासन वाले राज्यों में समाज को "सिंघम या पुष्पा" जैसे शख्सियतों की जरूरत नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि सिंह की लगातार फायरिंग ने मानव जीवन के प्रति घोर उपेक्षा दिखाई और यह एक गंभीर परिस्थिति थी।

प्रोबेशन से इनकार और सार्वजनिक पद की जिम्मेदारी

अदालत ने सिंह की प्रोबेशन पर रिहाई की याचिका खारिज कर दी, यह कहते हुए कि सार्वजनिक पद पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसने इस बात पर जोर दिया कि एक विधायक को सजा के मामले में तरजीही व्यवहार नहीं दिया जा सकता। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि सिंह की लापरवाही से की गई फायरिंग, जिससे एक मेहमान की मौत हुई, एक लोक सेवक के रूप में उनकी स्थिति के साथ असंगत आपराधिक व्यवहार था।

व्यापक सामाजिक प्रभाव और राजनीति में 'बाहुबली'

34 पन्नों के फैसले में 'बाहुबलियों' (ताकतवर व्यक्ति) के राजनीति में आने के व्यापक मुद्दे पर भी बात की गई, जो बंदूक संस्कृति से संभव हुआ है। अदालत ने टिप्पणी की कि सिंह सत्ता के अहंकार में चूर दिखे, जिससे अवैध आग्नेयास्त्रों का एक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिला। यह फैसला राजनीति के अपराधीकरण के खिलाफ एक कड़ा संदेश देता है।

क्यों मायने रखता है

यह फैसला बंदूक हिंसा और सार्वजनिक हस्तियों द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ न्यायपालिका के कड़े रुख को उजागर करता है, जवाबदेही को मजबूत करता है और लापरवाह कृत्यों को हतोत्साहित करता है। यह सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना जिम्मेदार आचरण के महत्व पर भी जोर देता है, विशेष रूप से लाइसेंस प्राप्त आग्नेयास्त्रों के संबंध में। अदालत की टिप्पणी बंदूक संस्कृति और राजनीति के अपराधीकरण जैसे व्यापक सामाजिक मुद्दों को संबोधित करती है, जिससे भविष्य के मामलों के लिए एक मिसाल कायम होती है।

मुख्य तथ्य

  • Convict: Raju Kumar Singh, BJP MLA from Sahebganj, Bihar
  • Sentence: 4 years simple imprisonment
  • Fine: ₹25 lakh (to victim's family)
  • Victim: Archana Gupta, 45-year-old guest
  • Incident Date: December 31, 2018 (New Year's Eve party)
  • Location: Fatehpur Beri farmhouse, Delhi

क्या यह मददगार था?

Reader pulse

0 votes
Test yourself

Generate a 5-question quiz from this article.

चर्चा

Discussion (0)

Loading…