जोधपुर में खरीफ बुवाई लक्ष्य के करीब, ज्वार-मूंगफली ने लक्ष्य पार किया
जोधपुर जिले में खरीफ 2026-27 की बुवाई का 83% लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, जिसमें 7.34 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 6.08 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है। ज्वार, मूंगफली, कपास और ग्वार ने अपने व्यक्तिगत बुवाई लक्ष्यों को पार कर लिया है। मूंग (2.40 लाख हेक्टेयर) और बाजरा (1.96 लाख हेक्टेयर) कुल बोए गए क्षेत्र का 72% हिस्सा हैं, जिन्हें किसान कम पानी की आवश्यकता और लगातार बाजार मांग के कारण पसंद करते हैं। शुरुआती मानसून की बारिश ने किसानों को काफी फायदा पहुंचाया है, और कृषि अधिकारियों को उम्मीद है कि अनुकूल मौसम जारी रहने पर कुल लक्ष्य पूरा हो जाएगा। किसानों को दैनिक निगरानी और तकनीकी सलाह प्रदान की जा रही है।
AI सारांश
3 bulletsखरीफ बुवाई की प्रगति
जोधपुर जिले में खरीफ 2026-27 की बुवाई में तेजी से प्रगति हो रही है, अब तक लगभग 83% लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। 7.34 लाख हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 6.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई पूरी हो चुकी है। यह महत्वपूर्ण प्रगति क्षेत्र में कृषि सीजन के लिए शुभ संकेत है।
प्रमुख फसलें और किसान की प्राथमिकता
मूंग और बाजरा बोए गए क्षेत्र में प्रमुख हैं, कुल का लगभग 72% हिस्सा कवर करते हुए क्रमशः 2.40 लाख हेक्टेयर और 1.96 लाख हेक्टेयर में बोए गए हैं। किसान कम पानी की आवश्यकता, शुष्क परिस्थितियों में बेहतर उत्पादन और लगातार बाजार मांग के कारण इन फसलों को प्राथमिकता देते हैं, जो खेती के प्रति एक रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
लक्ष्य पार करने वाली फसलें
कई फसलों ने पहले ही अपने व्यक्तिगत बुवाई लक्ष्यों को पार कर लिया है, जो किसानों की प्राथमिकताओं में बदलाव और सफल योजना को दर्शाता है। ज्वार 32,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 39,677 हेक्टेयर में, मूंगफली 55,000 हेक्टेयर के मुकाबले 63,373 हेक्टेयर में, कपास 32,000 हेक्टेयर के मुकाबले 33,564 हेक्टेयर में और ग्वार 38,000 हेक्टेयर के मुकाबले 43,239 हेक्टेयर में बोया गया है।
समय पर बारिश का प्रभाव
मानसून की समय पर हुई बारिश किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण वरदान साबित हुई है, जिसने बुवाई की गति तेज करने में सीधे योगदान दिया है। कृषि (विस्तार) के संयुक्त निदेशक, जीवनराम भाकर ने इसे एक प्रमुख कारक बताया। विभाग को विश्वास है कि यदि ये अनुकूल मौसम की स्थिति बनी रहती है, तो खरीफ फसलों का बंपर उत्पादन होने की उम्मीद है।
चल रहा समर्थन और भविष्य की संभावनाएँ
जबकि मोठ, तिल और अरंडी जैसी कुछ फसलें अभी भी लक्ष्य से पीछे हैं, कृषि अधिकारियों को आने वाले हफ्तों में उनके बुवाई क्षेत्र में वृद्धि की उम्मीद है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मानसून देरी से आया है। कृषि विभाग दैनिक बुवाई की प्रगति की सक्रिय रूप से समीक्षा कर रहा है और किसानों को इष्टतम पैदावार सुनिश्चित करने के लिए बीज, उर्वरक और कीट प्रबंधन पर आवश्यक तकनीकी सलाह प्रदान कर रहा है।
क्यों मायने रखता है
खरीफ बुवाई में हुई प्रगति, खासकर चार फसलों का लक्ष्य पार करना, जोधपुर के लिए एक संभावित मजबूत कृषि सीजन का संकेत है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य तथ्य
- •Total Kharif Sowing Target (2026-27): 7.34 lakh hectares
- •Area Sown Till Date: 6.08 lakh hectares (83% of target)
- •Top Sown Crops by Area: Moong (2.40 lakh hectares), Bajra (1.96 lakh hectares)
- •Crops Exceeding Target: Jowar, Groundnut, Cotton, Guar
- •Reason for Progress: Timely monsoon rains
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