जैसलमेर में कोतवाल तबादले के बाद ABVP का आंदोलन समाप्त
जैसलमेर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शहर कोतवाल सुरजाराम के पाली तबादले के बाद अपना छह दिवसीय विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। शहर कोतवाली थाने के बाहर यह विरोध प्रदर्शन कारगिल विजय दिवस रैली की अनुमति मांगने के दौरान छात्र कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाल सुरजाराम और हेड कांस्टेबल दीपेंद्र सिंह द्वारा कथित दुर्व्यवहार के आरोप में शुरू किया गया था। भाजपा नेताओं की मौजूदगी में जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई गई। एबीवीपी ने इसे अपने संघर्ष की जीत बताया, जबकि पुलिस ने तबादले को प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
AI सारांश
3 bulletsतबादले के बाद आंदोलन समाप्त
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शनिवार देर रात अपना छह दिवसीय विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सफलतापूर्वक समाप्त कर दी। यह निर्णय जोधपुर रेंज के आईजी द्वारा जैसलमेर शहर कोतवाल सुरजाराम के पाली जिले में प्रशासनिक तबादले के आदेश जारी होने के बाद लिया गया।
दुर्व्यवहार के आरोपों ने भड़काया आंदोलन
यह आंदोलन एबीवीपी के शहर कोतवाल सुरजाराम और हेड कांस्टेबल दीपेंद्र सिंह द्वारा छात्र कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के कारण शुरू हुआ था। ये कथित घटनाएं कारगिल विजय दिवस तिरंगा रैली की अनुमति लेने के उनके प्रयास के दौरान हुईं। प्रारंभ में, पुलिस ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि कार्यकर्ता केवल थोड़े समय के लिए ही थाने में थे।
भाजपा नेताओं ने मध्यस्थता की, भूख हड़ताल समाप्त
तबादले की खबर के बाद, सवाई सिंह गोगली और अरुण पुरोहित सहित स्थानीय भाजपा नेता विरोध स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अनशनकारी छात्र नेताओं को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त करने में मदद की। जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी और अन्य प्रमुख भाजपा नेताओं ने भी अपना समर्थन दिखाने के लिए वीडियो कॉल के माध्यम से इसमें भाग लिया।
एबीवीपी ने जीत घोषित की, पुलिस ने बताया प्रशासनिक
एबीवीपी ने तबादले को अपने सामूहिक संघर्ष और एकता की जीत बताया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तबादला आदेश एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया थी और विरोध का सीधा परिणाम नहीं था। तब से शहर कोतवाली पुलिस स्टेशन के बाहर सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना छात्र सक्रियता की शक्ति और स्थानीय कानून प्रवर्तन के भीतर प्रशासनिक निर्णयों पर जन दबाव के प्रभाव को उजागर करती है।
मुख्य तथ्य
- •Protest Duration: 6 days
- •Reason for Protest: Alleged misbehavior by Kotwal and Head Constable
- •Officials Involved: City Kotwal Surjaram, Head Constable Deependra Singh
- •Outcome: Kotwal Surjaram transferred to Pali
- •Organization: Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP)
- •Location: Jaisalmer City Kotwali Police Station
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…