राजस्थान: प्रसूता मौतों पर स्वास्थ्य मंत्री के 'ब्रेक' वाले बयान पर बवाल
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर प्रसूताओं की मौत से जुड़े एक संवेदनशील सवाल पर 'मिलते हैं ब्रेक के बाद' कहकर प्रेस कॉन्फ्रेंस से चले गए, जिससे विवाद
AI सारांश
3 bulletsमंत्री का 'ब्रेक' वाला बयान, उपजा आक्रोश
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सरकारी अस्पतालों में बढ़ती मातृ मृत्यु दर पर मीडिया के सवालों का जवाब "मिलते हैं ब्रेक के बाद" कहकर टाल दिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ दी, जिससे चारों ओर उनकी तीखी आलोचना हो रही है। यह घटना सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद गर्भवती महिलाओं की मौत की बढ़ती संख्या पर एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद हुई।
ढाई महीने में 18 से अधिक मौतें
पिछले ढाई महीनों में राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद 18 से अधिक गर्भवती महिलाओं की मौत हुई है, जबकि 50 से अधिक गंभीर रूप से बीमार हैं। 5 से 10 जुलाई के बीच भीलवाड़ा और बांसवाड़ा जिलों में अकेले 9 मौतें हुईं। शुरुआती जांचों से पता चला है कि ऑपरेशन थिएटरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण जीवाणु संक्रमण फैला है।
स्वास्थ्य सेवा में व्यापक विफलताएँ
यह संकट राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर गंभीर विफलताओं को दर्शाता है। भीलवाड़ा में सिजेरियन के बाद 5 मौतें, बांसवाड़ा में 4, कोटा में किडनी फेलियर से 5 और बीकानेर में 2 मौतें दर्ज की गईं, जबकि 7 महिलाएँ डायलिसिस पर हैं। मंत्री ने शुरू में मौतों का कारण एनीमिया और उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों को बताया, लेकिन विशेषज्ञों ने भीलवाड़ा के ओटी में स्यूडोमोनास जीवाणु संक्रमण को स्टरलाइजेशन लापरवाही का संकेत बताया।
सरकार की प्रतिक्रिया और जाँच
व्यापक जन दबाव के बाद, राजस्थान सरकार ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज, एम्स जोधपुर और बीकानेर के विशेषज्ञों की एक विशेष संयुक्त समिति का गठन किया है ताकि मौतों का नैदानिक ऑडिट किया जा सके। भीलवाड़ा में दूषित ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है, और दवाओं व ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के नमूने जाँचे जा रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के बाद कुछ चिकित्सा कर्मचारियों को निलंबित या स्थानांतरित भी किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांगें
विपक्षी कांग्रेस ने मंत्री के असंवेदनशील व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इसमें हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को निलंबित करने और स्वास्थ्य मंत्री से सार्वजनिक माफी मांगने का आह्वान किया है। इस घटना ने राजस्थान में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा और सरकारी जवाबदेही पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना राजस्थान में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को उजागर करती है और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के प्रति सरकारी जवाबदेही व संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाती है। मंत्री की प्रतिक्रिया ने व्यापक आलोचना को जन्म दिया है, जिससे बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और मौतों को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
मुख्य तथ्य
- •Total deaths reported in 2.5 months: 18+
- •Deaths in Bhilwara & Banswara (July…: 9
- •Detected infection type: Pseudomonas bacteria
- •Affected districts mentioned: Bhilwara, Banswara, Kota, Bikaner
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