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मई 2026 की हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में गहराया आंतरिक विद्रोह

Briovo· 11 Jun 2026
मई 2026 की हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में गहराया आंतरिक विद्रोह

मई 2026 के बंगाल चुनावों में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एक गंभीर आंतरिक संकट से जूझ रही है, जिससे पार्टी की स्थिरता खतरे में है। राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और अपनी संसदीय सीट से इस्तीफा दे दिया है, जो एक सप्ताह के भीतर सुखेंदु शेखर रॉय के बाद इस्तीफा देने वाली दूसरी सांसद हैं। ऐसी खबरें हैं कि लगभग 20 सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जुड़ने पर विचार कर रहे हैं, और लोकसभा सांसद सायनी घोष कथित तौर पर काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले विद्रोही समूह में शामिल हो गई हैं। इस आंतरिक उथल-पुथल के कारण वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी नेतृत्व की खुले तौर पर आलोचना की है, जबकि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने संकट के बीच विपक्षी एकता पर चर्चा करने के लिए क्रमशः कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की।

क्यों मायने रखता है

टीएमसी जैसी प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी के भीतर यह आंतरिक संकट राजनीतिक संगठनों के भीतर असंतोष और चुनावी परिणामों तथा गठबंधन निर्माण (इंडिया ब्लॉक) पर इसके प्रभाव को दर्शाता है। यह भारत में दलगत राजनीति, गठबंधन की गतिशीलता और राजनीतिक स्थिरता को समझने के लिए प्रासंगिक है। जीएस-2 (राजव्यवस्था एवं शासन) के लिए उपयोगी।

मुख्य तथ्य

  • Election Defeat: May 2026 Bengal elections
  • Resigned Rajya Sabha MPs: Sushmita Dev, Sukhendu Sekhar Roy
  • Reported Rebel MP count: Nearly 20 MPs considering aligning with BJP-led NDA
  • Rebel Group Leader: Kakoli Ghosh Dastidar
  • Leaders Met for Alliance: Mamata Banerjee (with Sonia Gandhi), Abhishek Banerjee (with Rahul Gandhi)

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