मेकेदातु बांध के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे तमिलनाडु के किसान
तमिलनाडु के किसान 23 जून को नई दिल्ली में कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। तमिलनाडु कावेरी किसान संगठन द्वारा आहूत इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र सरकार पर परियोजना को अस्वीकार करने का दबाव बनाना है, क्योंकि किसानों को आशंका है कि इससे तमिलनाडु में पानी की उपलब्धता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और कावेरी डेल्टा क्षेत्र में खेती खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से भी परियोजना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की और परंगीपेट्टई तट के पास इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की प्रस्तावित हाइड्रोकार्बन अन्वेषण परियोजना पर भी चिंता जताई।
किसानों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की
तमिलनाडु के किसानों ने कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। उन्होंने 23 जून को नई दिल्ली में एक बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य केंद्र सरकार पर परियोजना को अस्वीकार करने का दबाव बनाना है। यह निर्णय तिरुवरूर में तमिलनाडु कावेरी किसान संगठन की बैठक के बाद लिया गया।
पानी और कृषि पर प्रभाव
किसान संगठन ने गहरी चिंता व्यक्त की है कि कावेरी नदी पर प्रस्तावित जलाशय से तमिलनाडु में पानी की उपलब्धता पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे कावेरी डेल्टा क्षेत्र में खेती के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है, जिससे लाखों किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। उनका आरोप है कि तमिलनाडु की कड़ी आपत्तियों के बावजूद कर्नाटक इस परियोजना की योजनाओं पर आगे बढ़ रहा है।
केंद्र और राज्य सरकारों से अपील
संगठन के महासचिव पी.आर. पांडियन ने कहा कि किसान केंद्र से मेकेदातु परियोजना के लिए कोई भी मंजूरी न देने का आग्रह करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से भी अपील की कि वे इस परियोजना को शुरू होने से रोकने के लिए सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाएं। किसानों का मानना है कि तमिलनाडु की सहमति के बिना बांध बनाने से निचले हिस्से में खेती करने वाले किसानों के हितों को नुकसान होगा और कावेरी के पानी में राज्य के हिस्से पर असर पड़ेगा।
अन्य मांगें और चिंताएं
मेकेदातु मुद्दे के अलावा, किसान संगठन ने परंगीपेट्टई तट के पास इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की प्रस्तावित हाइड्रोकार्बन अन्वेषण परियोजना का विरोध करने का प्रस्ताव भी पारित किया। उन्होंने संभावित पर्यावरणीय प्रभाव और इस क्षेत्र में तटीय समुदायों, मछुआरों और कृषि-आधारित आजीविका पर पड़ने वाले परिणामों के बारे में चिंता व्यक्त की। किसान आगामी विधानसभा सत्र में फसल ऋण माफी संबंधी घोषणाओं की भी उम्मीद कर रहे हैं।
क्यों मायने रखता है
मेकेदातु बांध परियोजना तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद का विषय रहा है, जिसके कावेरी डेल्टा क्षेत्र में जल संसाधनों और कृषि आजीविका के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं। यह विरोध प्रदर्शन बढ़ते तनाव और किसानों के अपने जल अधिकारों की रक्षा करने तथा सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दृढ़ संकल्प को उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
- •Date of Protest: June 23, 2026
- •Location of Protest: New Delhi (Central Water Resources Department headquarters)
- •Organizing Body: Tamil Nadu Cauvery Farmers Association
- •Primary Concern: Impact on water availability in Tamil Nadu due to Mekedatu Dam
- •Additional Concern: Proposed hydrocarbon exploration project near Parangipettai coast
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