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बूंदी अस्पताल: प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Briovo· 10 Aug 2026, 07:38 am IST
बूंदी अस्पताल: प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

बूंदी के सरकारी जनाना अस्पताल में 26 वर्षीय निशा की प्रसव के बाद मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने चिकित्साकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीन घंटे तक हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टर चंद्रेश मीना पर भर्ती के बाद से निशा को नहीं देखने और प्रसव के दौरान अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, निशा की मौत दिल में खून का थक्का जमने से हुई, और परिजनों ने सिजेरियन की सलाह के बावजूद सामान्य प्रसव पर जोर दिया था। नवजात को कोटा आईसीयू रेफर किया गया, और अस्पताल में पुलिस बल तैनात रहा। मामले की जांच जारी है।

AI सारांश

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प्रसव के बाद महिला की मौत

धनातरी निवासी 26 वर्षीय निशा की रविवार सुबह बूंदी के सरकारी जनाना अस्पताल में एक बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद मौत हो गई। उसे शुक्रवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रेश मीना की देखरेख में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी अप्रत्याशित मौत के बाद परिवार के सदस्यों ने भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

निशा के परिवार ने डॉ. चंद्रेश मीना और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि भर्ती के बाद डॉ. मीना ने निशा को कभी स्वयं नहीं देखा और उनकी देखभाल नर्सों तथा रेजिडेंट डॉक्टरों के भरोसे छोड़ दी थी। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के महत्वपूर्ण क्षणों के दौरान कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके कारण यह दुखद परिणाम हुआ।

अस्पताल का पक्ष और प्रतिदावा

अस्पताल के अधिकारियों ने एक अलग पक्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार निशा की मौत दिल में रक्त का थक्का जमने से हुई है। डॉ. अमर ने बताया कि शनिवार शाम को निशा और उनके परिवार को सिजेरियन ऑपरेशन का सुझाव दिया गया था, लेकिन उन्होंने सामान्य प्रसव पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि नवजात शिशु ने शुरू में सांस लेना बंद कर दिया था, लेकिन सीपीआर के माध्यम से उसे बचाया गया।

शव यात्रा और पुलिस का हस्तक्षेप

निशा की मौत के बाद, उनके परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। जब पुलिस ने शव को मुर्दाघर ले जाने का प्रयास किया, तो आक्रोशित रिश्तेदारों ने एम्बुलेंस को रोक दिया और पत्थर भी उठाए, जिससे तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने और परिवार को शव ले जाने की अनुमति देने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और उप-विभागीय अधिकारी को घटनास्थल पर बुलाया गया।

नवजात रेफर, जांच जारी

हंगामे और विरोध के बीच, आईसीयू में भर्ती नवजात शिशु को विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए कोटा रेफर कर दिया गया। अधिकारियों ने निशा की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शाम तक अस्पताल में पुलिस बल तैनात रहा।

क्यों मायने रखता है

यह घटना सरकारी अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा और कथित चिकित्सा लापरवाही को लेकर चिंताएं बढ़ाती है, खासकर राजस्थान में जहां मातृ मृत्यु दर एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है।

मुख्य तथ्य

  • Deceased: Nisha (26 years), wife of Jagdish, Dhanatri resident
  • Incident Location: Bundi Government Janana Hospital
  • Cause of Death (Alleged by Hospital): Blood clot in the heart
  • Family Allegation: Medical negligence by Dr. Chandresh Meena; doctor absent during delivery
  • Newborn Status: Referred to Kota ICU
  • Protest Duration: Approximately 3 hours

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