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जयपुर में नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन, टंकी पर चढ़ने का सिलसिला जारी

Briovo· 09 Aug 2026, 07:06 am IST
जयपुर में नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन, टंकी पर चढ़ने का सिलसिला जारी

जयपुर में संविदा नर्सिंग स्टाफ ने भर्ती नियमों में बदलाव के विरोध में अपना प्रदर्शन तेज कर दिया है। पहले जयपुरिया अस्पताल की पानी की टंकी पर 40 घंटे से चढ़े तीन प्रदर्शनकारी मंत्री के.के. बिश्नोई और प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ की समझाइश व आश्वासन के बाद नीचे उतरे। हालांकि, कुछ ही मिनट बाद, दो अन्य संविदाकर्मी चरक भवन की टंकी पर चढ़ गए, यह आरोप लगाते हुए कि उनके साथियों को जबरन उतारा गया था। उन्होंने बोनस अंक बरकरार रखने की मांग की। आगे की बातचीत और मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद ये दोनों भी आधी रात के बाद नीचे उतर गए, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। प्रमुख सचिव के साथ सोमवार को एक बैठक प्रस्तावित है।

AI सारांश

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शुरुआती विरोध का बढ़ना

संविदा नर्सिंग स्टाफ के सदस्य भर्ती नियमों में बदलाव के विरोध में जयपुरिया अस्पताल की पानी की टंकी पर लगभग 40 घंटे से डटे हुए थे। विरोध का यह नाटकीय रूप नौकरी की सुरक्षा और संशोधित रोजगार मानदंडों के संबंध में उनकी मांगों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से था। टंकी पर उनका लंबा ठहराव उनकी शिकायतों की तात्कालिकता को दर्शाता है।

मंत्रिस्तरीय हस्तक्षेप

कई घंटों के गतिरोध के बाद, मंत्री के.के. बिश्नोई नर्सिंग स्टाफ से बातचीत करने के लिए विरोध स्थल पर पहुंचे। चर्चाओं और प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ से आश्वासन मिलने के बाद कि उनका संदेश सरकार तक पहुंच गया है, तीनों शुरुआती प्रदर्शनकारी रात करीब 9 बजे जयपुरिया अस्पताल की टंकी से नीचे उतर गए। उन्हें कथित तौर पर विश्वास दिलाया गया था कि उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा।

विरोध का स्थानांतरण

पहले समूह के उतरने के कुछ ही मिनटों बाद, दो अन्य संविदा नर्सिंग स्टाफ सदस्य, राम भरत सिंह गुर्जर और भरत मीणा, एसएमएस अस्पताल परिसर स्थित चरक भवन की पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन को और बढ़ा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सहयोगियों पर पुलिस ने नीचे उतरने का दबाव डाला था। उनकी मुख्य मांग भर्ती में बोनस अंकों को बरकरार रखना थी।

आधी रात का समाधान

चरक भवन की टंकी पर चढ़े दो नए प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत जारी रही। प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई के संबंध में और समझाने और नए आश्वासनों के बाद, राम भरत सिंह गुर्जर और भरत मीणा अंततः रात 12:40 बजे नीचे उतरे। उनके शांतिपूर्ण उतरने से मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

आगामी चर्चाएं

शिकायतों को और संबोधित करने और संभावित समाधानों पर चर्चा करने के लिए, संविदा नर्सिंग स्टाफ के एक प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ के बीच सोमवार को एक बैठक निर्धारित है। इस आगामी चर्चा का उद्देश्य विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई प्रतिबद्धताओं को औपचारिक रूप देना और एक ऐसे समाधान की दिशा में काम करना है जो प्रदर्शनकारी श्रमिकों को संतुष्ट करे।

क्यों मायने रखता है

संविदा नर्सिंग स्टाफ का यह विरोध प्रदर्शन उनकी नौकरी की सुरक्षा और भर्ती नीतियों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करता है, जिनका समाधान न होने पर स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। यह श्रमिकों के दृढ़ संकल्प को भी दर्शाता है कि वे अपनी शिकायतों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए नाटकीय विरोध प्रदर्शनों का सहारा ले रहे हैं।

मुख्य तथ्य

  • Initial Protest Duration: 40 hours
  • First Location: Jaipuria Hospital water tank
  • Second Location: Charak Bhawan water tank, SMS Hospital
  • Total Protestors Involved: 5 (3 initial, 2 subsequent)
  • Negotiators: Minister K.K. Bishnoi, Principal Secretary Gayatri Rathore
  • Key Demand: Retention of 10, 20, 30 bonus marks

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