संसद हंगामे के बीच नड्डा ने राहुल के ‘जंतर-मंतर गोलीबारी’ दावे को नकारा
संसद के मानसून सत्र के दौरान, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के जंतर-मंतर पर "गोलीबारी" के आरोपों का कड़ा खंडन किया। नड्डा ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए लगातार मुद्दे बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर दिया कि यदि सदन सुचारू रूप से चलता है तो सरकार सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है। इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पेलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान और राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए राज्यसभा से वॉकआउट किया।
AI सारांश
3 bulletsनड्डा ने जंतर-मंतर गोलीबारी के दावे को नकारा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के जंतर-मंतर पर 'गोलीबारी' होने के दावे का कड़ा खंडन किया। नड्डा ने जोर देकर कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और गांधी पर देश के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। यह बयान संसदीय व्यवधानों को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आया है।
संसदीय बाधा के आरोप
नड्डा ने राहुल गांधी पर लगभग 15 दिनों से संसदीय कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया, दावा किया कि गांधी ने NEET से राम मंदिर ट्रस्ट, और फिर जंतर-मंतर तक लगातार मुद्दे बदले। उन्होंने कहा कि विपक्ष का लक्ष्य चर्चा नहीं बल्कि बाधा डालना है। नड्डा के अनुसार, यदि सदन को कार्य करने दिया जाए तो सरकार बहस के लिए तैयार है।
छात्र विरोध प्रदर्शनों पर विपक्ष की मांग
राहुल गांधी ने मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह स्पष्ट करें कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पेलेट गन और लाठियों के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। गांधी ने कहा कि यदि शाह ने आदेश दिया तो वह दोषी हैं, और यदि उन्हें जानकारी नहीं थी तो वह अक्षम हैं, उनकी इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर भी चिंता व्यक्त की।
राम मंदिर निधि जांच की मांग
छात्र विरोध प्रदर्शनों के अलावा, विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, ने राम मंदिर ट्रस्ट से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं या 'चंदा चोरी' का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस मामले पर सरकार से आधिकारिक बयान और जवाबदेही की मांग की, जिससे यह संसद में एक और विवाद का बिंदु बन गया। इस मांग के कारण आगे व्यवधान और वॉकआउट हुए।
संसदीय गतिरोध और वॉकआउट
मानसून सत्र में लगातार हंगामा देखा गया, जिसमें विपक्षी सांसद, खासकर कांग्रेस के, राज्यसभा से वॉकआउट कर गए। उन्होंने जंतर-मंतर घटना, राम मंदिर निधि और प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग को लेकर सरकार की कथित अनिच्छा का विरोध किया। विपक्षी नेताओं ने सदन में सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के अपने अधिकार पर जोर दिया।
क्यों मायने रखता है
यह राजनीतिक टकराव संसद में चल रहे गतिरोध को उजागर करता है, जो विधायी कार्यों और छात्र विरोध प्रदर्शनों तथा धार्मिक ट्रस्टों की पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित कर रहा है।
मुख्य तथ्य
- •BJP President's Statement: JP Nadda dismissed Rahul Gandhi's claim of 'shooting' at Jantar Mantar.
- •Allegation Against Rahul Gandhi: Nadda accused Rahul Gandhi of constantly changing issues to obstruct Parliament.
- •Government's Stance: Nadda stated the government is ready for debate on all issues if Parliament functions.
- •Opposition's Demands: Congress demanded Home Minister's statement on alleged pellet gun use at Jantar Mantar and probe into Ram Mandir donations.
- •Parliamentary Action: Opposition MPs staged walkouts in Rajya Sabha over their demands.
- •Timeline: Events discussed pertain to incidents on July 20, 2026, and the ongoing Monsoon Session of Parliament in August 2026.
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