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केंद्रीय जांच ब्यूरो ने ₹75 करोड़ के फंड डायवर्जन मामले में पूर्व CREST CEO को किया…

Briovo· 17 Jun 2026, 11:35 pm IST
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने ₹75 करोड़ के फंड डायवर्जन मामले में पूर्व CREST CEO को किया…

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) के पूर्व CEO, वरिष्ठ IFoS अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को ₹75 करोड़ के फंड के कथित हेरफेर के आरोप में गिरफ्तार किया है। श्रीवास्तव पर CREST के बैंक खातों से शेल कंपनियों में फंड डायवर्ट करके व्यक्तिगत लाभ लेने का आरोप है। उनकी पत्नी और एक रिश्तेदार एक ऐसी निजी कंपनी में निदेशक हैं, जिसने डायवर्ट किए गए फंड प्राप्त किए थे। CREST के दो अन्य अधिकारी, सुखविंदर सिंह अब्रोल और साहिल कुक्कड़, को पहले ही इस व्यापक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर चार्जशीट किया जा चुका है। श्रीवास्तव वर्तमान में तीन दिन की CBI रिमांड पर हैं।

AI सारांश

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CBI ने वरिष्ठ IFoS अधिकारी को किया गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारतीय वन सेवा (IFoS) के वरिष्ठ अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव को हिरासत में ले लिया है। वह चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) थे। यह गिरफ्तारी संगठन के भीतर कथित वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांच का हिस्सा है।

कथित ₹75 करोड़ का फंड डायवर्जन

श्रीवास्तव के CEO के कार्यकाल के दौरान, CREST के लगभग ₹75 करोड़ का कथित तौर पर गबन किया गया था। चंडीगढ़ में IDFC बैंक के तीन खातों में रखे गए ये फंड कथित तौर पर विभिन्न शेल कंपनियों में डायवर्ट किए गए थे। CBI को संदेह है कि इन फंडों को बाद में लाभार्थियों के व्यक्तिगत उपयोग के लिए परिवर्तित कर दिया गया।

डायवर्टेड फंड से पारिवारिक संबंध

अवैध रूप से प्राप्त आय का एक हिस्सा कथित तौर पर एक निजी कंपनी के खाते में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस कंपनी का श्रीवास्तव से सीधा संबंध है, क्योंकि उनकी पत्नी और एक करीबी रिश्तेदार इसमें निदेशक के रूप में सूचीबद्ध हैं। यह हितों के टकराव और कथित धोखाधड़ी में प्रत्यक्ष संलिप्तता का संकेत देता है।

पहले की गिरफ्तारियां और चार्जशीट

श्रीवास्तव की गिरफ्तारी से पहले, CREST के दो अन्य अधिकारी, परियोजना निदेशक सुखविंदर सिंह अब्रोल और अकाउंटेंट साहिल कुक्कड़ को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें उसी मामले के संबंध में चार्जशीट भी किया जा चुका है। वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि श्रीवास्तव तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर हैं।

चल रही जांच और व्यापक दायरा

सीबीआई ने चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन से इस जांच को अपने हाथ में लिया, जो कथित धोखाधड़ी की जटिलता और पैमाने को दर्शाता है। एजेंसी ने पहले ही एक निजी बैंक के पांच अधिकारियों, दो CREST अधिकारियों, दो शेल संस्थाओं के साथ उनके भागीदारों/निदेशकों, और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दायर की है, जो एक व्यापक साजिश को उजागर करता है।

क्यों मायने रखता है

एक सरकारी समर्थित सोसाइटी से जुड़े उच्च मूल्य के धोखाधड़ी मामले में एक वरिष्ठ IFoS अधिकारी की गिरफ्तारी सार्वजनिक संस्थानों में संभावित भ्रष्टाचार को उजागर करती है और सार्वजनिक धन की सुरक्षा के लिए सख्त वित्तीय निगरानी की आवश्यकता को दर्शाती है।

मुख्य तथ्य

  • Accused Official: Navneet Srivastava (Senior IFoS officer)
  • Former Position: CEO of CREST (Chandigarh Renewable Energy and Science & Technology Promotion Society)
  • Alleged Loss: ₹75 crore
  • Method of Diversion: Funds from CREST bank accounts to shell companies
  • Others Arrested: Sukhwinder Singh Abrol (Project Director), Sahil Kukkar (Accountant)
  • Current Status: Navneet Srivastava in three-day CBI remand

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