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श्रीनाथजी मंदिर में ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव, सवा लाख आमों का भोग

Briovo· 28 Jun 2026, 06:14 pm IST
श्रीनाथजी मंदिर में ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव, सवा लाख आमों का भोग

राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान के साथ ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव मनाया गया। युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा और लाल बावा ने स्वर्ण जड़ित शंख से अधिवासित यमुना जल से प्रभु का अभिषेक किया। परंपरा के अनुसार, ब्रजवासियों द्वारा ऋतुफल के रूप में अर्पित किए गए 1.25 लाख से अधिक आमों का भोग लगाया गया। बाद में इन आमों को प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से हजारों भक्तों ने ढाई घंटे तक चले इस समारोह और दर्शन में भाग लिया। यह उत्सव भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और उनके कल्याण पर केंद्रित है।

AI सारांश

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श्रीनाथजी मंदिर में पारंपरिक उत्सव

राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर में हाल ही में वार्षिक ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव मनाया गया। यह महत्वपूर्ण आयोजन पारंपरिक विधि-विधान और अपार श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ, जिसने बड़ी संख्या में भक्तों को मंदिर की ओर आकर्षित किया।

विशेष अभिषेक समारोह

पवित्र स्नान समारोह, जिसे ज्येष्ठाभिषेक स्नान के नाम से जाना जाता है, युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा और लाल बावा द्वारा संपन्न किया गया। उन्होंने अधिवासित यमुना जल का उपयोग किया, जिसे सावधानीपूर्वक एकत्र और तैयार किया गया था, और एक शानदार स्वर्ण जड़ित शंख से चढ़ाया गया। पूरे अनुष्ठान ने देवता से जुड़ी पवित्रता और शुचिता पर जोर दिया।

लाखों आमों का भोग

प्राचीन परंपराओं का पालन करते हुए, भगवान श्रीनाथजी को 1.25 लाख से अधिक आम श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए। यह प्रथा ब्रजवासियों द्वारा देवता को प्रस्तुत किए जाने वाले मौसमी भोग का प्रतीक है। अनुष्ठानों के बाद, ये आम सैकड़ों भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किए गए, जिससे उनका आध्यात्मिक संबंध और मजबूत हुआ।

अखिल भारतीय भक्त भागीदारी

ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव में राजस्थान के अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी भक्तों का भारी संख्या में आना देखा गया। हजारों लोगों ने ढाई घंटे तक चले दर्शन में भाग लिया, आशीर्वाद मांगा और देवता के अलौकिक स्वरूप का अवलोकन किया।

बाल स्वरूप पूजा का महत्व

श्रीनाथजी मंदिर में भगवान कृष्ण की 7 वर्षीय बाल स्वरूप में पूजा की जाती है। भक्ति का यह अनूठा पहलू कई अनुष्ठानों का मार्गदर्शन करता है, जिसमें देवता की देखभाल और चढ़ावा शामिल है, जैसे कि ज्येष्ठाभिषेक स्नान, जो देवता के कल्याण और सुरक्षा के लिए किया जाता है।

क्यों मायने रखता है

श्रीनाथजी मंदिर में ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जो प्राचीन परंपराओं को कायम रखता है और देश भर से भक्तों को आकर्षित करता है। एक लाख से अधिक आमों का भोग लगाना और फिर उन्हें प्रसाद के रूप में वितरित करना एक अनूठी सांस्कृतिक प्रथा को दर्शाता है जो भक्तों को उनकी आस्था से जोड़ती है और देवता के बाल स्वरूप पर जोर देती है।

मुख्य तथ्य

  • Location: Shreenathji Temple, Nathdwara, Rajasthan
  • Event: Jyeshthabhishek Snan Utsav
  • Offerings: Over 1.25 lakh mangoes
  • Key figures: Yuvacharya Goswami Vishal Bawa and Lal Bawa
  • Ritual detail: Snan with scented, consecrated Yamuna water from a gold conch
  • Attendees: Devotees from Rajasthan, Gujarat, Madhya Pradesh and other states

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