छत्तीसगढ़ HC ने जेल में बंद NEET अभ्यर्थी को पुलिस हिरासत में परीक्षा देने की अनुमति…
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद एक 21 वर्षीय छात्र को NEET की पुनर्परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है। अदालत ने उसकी अस्थायी ज़मानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन आदेश दिया कि उसे पुलिस एस्कॉर्ट के तहत परीक्षा केंद्र ले जाया जाए और जेल में अध्ययन सामग्री प्रदान की जाए। 20 वर्षीय महिला की आत्महत्या के बाद उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, जिसमें उसके फोन से मिले एक नोट में याचिकाकर्ता द्वारा दुर्व्यवहार और जबरन मुलाकात का आरोप लगाया गया था। पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित है।
AI सारांश
3 bulletsकोर्ट ने परीक्षा की अनुमति दी, जमानत से इनकार किया
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में बंद एक 21 वर्षीय छात्र को NEET पुनर्परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने फैसला सुनाया कि छात्र परीक्षा दे सकता है, लेकिन उसकी अस्थायी ज़मानत की याचिका खारिज कर दी गई। यह निर्णय शिक्षा के अधिकार को आरोपों की गंभीरता के विरुद्ध संतुलित करता है।
आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप
याचिकाकर्ता के खिलाफ 29 मई को FIR दर्ज की गई थी, जिसमें उस पर 20 अप्रैल को रायपुर में 20 वर्षीय महिला की आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था। अहम सबूत के तौर पर मृतक के फोन से एक सात पन्नों का नोट बरामद हुआ है, जिसमें कथित तौर पर याचिकाकर्ता द्वारा दुर्व्यवहार और जबरन मुलाकातों का विवरण था।
हिरासत और कोर्ट की कार्यवाही
गिरफ्तारी के बाद छात्र को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसके वकील ने बाद में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, विशेष रूप से आगामी NEET परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के लिए अस्थायी ज़मानत मांगी। राज्य के वकील ने परीक्षा में उसकी उपस्थिति पर आपत्ति नहीं जताई, बशर्ते उचित व्यवस्था की जाए।
पुलिस निगरानी में परीक्षा
अदालत ने पुलिस अधीक्षक, जिला रायपुर, और संबंधित जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि आवेदक को उचित पुलिस हिरासत में परीक्षा केंद्र ले जाया जाए। उसे निर्धारित तिथि और समय पर भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा के तुरंत बाद, उसे वापस जेल लाया जाएगा।
अध्ययन सामग्री का प्रावधान
एक उल्लेखनीय निर्देश में, अदालत ने जेल अधिकारियों को आवेदक को संबंधित अध्ययन सामग्री प्रदान करने का भी निर्देश दिया। इस प्रावधान का उद्देश्य हिरासत में होने के बावजूद उसे NEET पुनर्परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करने में सक्षम बनाना है, जो उसके शैक्षणिक भविष्य के लिए अदालत के विचार को उजागर करता है।
क्यों मायने रखता है
यह निर्णय न्यायिक प्रक्रियाओं और एक छात्र के शिक्षा के अधिकार के बीच संतुलन को रेखांकित करता है, तब भी जब वह गंभीर आरोपों का सामना कर रहा हो। यह इस बात के लिए एक मिसाल कायम करता है कि अदालतें हिरासत में बंद व्यक्तियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक अवसरों को कैसे सुविधाजनक बना सकती हैं।
मुख्य तथ्य
- •Court Ruling: Chhattisgarh High Court allows NEET re-examination under police custody, denies temporary bail.
- •Petitioner's Age: 21 years old
- •Case Background: Accused of abetting suicide of a 20-year-old woman in Raipur.
- •Evidence: Seven-page note from deceased's phone alleging abuse.
- •Exam Date: NEET re-examination on June 21.
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