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विजाग जेल में NDPS कैदियों को डिजिटल कौशल प्रशिक्षण

Briovo· 03 Jul 2026, 08:43 am IST
विजाग जेल में NDPS कैदियों को डिजिटल कौशल प्रशिक्षण

विशाखापत्तनम सेंट्रल जेल ने "ऑफिस असिस्टेंट" कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य विचाराधीन कैदियों, मुख्य रूप सेNDPS अधिनियम के तहत आरोपित व्यक्तियों को डिजिटल और कार्यालय प्रबंधन कौशल से लैस करना है। इस पहल का लक्ष्य 18-35 वर्ष आयु वर्ग के कैदियों को पुनर्वासित करना और रिहाई के बाद उनके रोजगार की संभावनाओं को बेहतर बनाना, जिससे अपराध में कमी आए। आईआईटी-मद्रास के स्नातक और एक दोषी, डी. वेंकट साई, कैदियों को कंप्यूटर बेसिक्स, सॉफ्टवेयर, अंग्रेजी संचार और व्यवहार कौशल में प्रशिक्षित करते हैं। स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के सहयोग से यह कार्यक्रम प्रतिभागियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहा है और उन्हें अपराध-मुक्त भविष्य की उम्मीद दे रहा है। यह आंध्र-ओडिशा सीमा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी में फंसे युवा व्यक्तियों की समस्या का समाधान भी करता है।

AI सारांश

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अभिनव पुनर्वास पहल

विशाखापत्तनम सेंट्रल जेल ने एक अग्रणी "ऑफिस असिस्टेंट" कार्यक्रम शुरू किया है, जो आंध्र प्रदेश में अपनी तरह का पहला है, जिसका उद्देश्य विचाराधीन कैदियों का पुनर्वास करना है। इस पहल का ध्यान कैदियों को आवश्यक डिजिटल और कार्यालय प्रबंधन कौशल सिखाने पर है। यह कार्यक्रम व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो रिहाई के बाद सार्थक रोजगार का कारण बन सकता है, जिससे उनके आपराधिक गतिविधियों में लौटने की संभावना कम हो जाएगी।

एनडीपीएस आरोपी युवाओं को लक्षित करना

कार्यक्रम का एक बड़ा हिस्सा 18 से 35 वर्ष की आयु के युवा विचाराधीन कैदियों को लक्षित करता है, विशेष रूप से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत आरोपित लोगों को। ये व्यक्ति विशाखापत्तनम सेंट्रल जेल में कैदियों की आबादी का लगभग 60% हिस्सा बनाते हैं। यह कार्यक्रम आंध्र और ओडिशा की सीमा से लगे क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी में फंसे बेरोजगार युवाओं की क्षेत्रीय चुनौती का समाधान करता है।

आईआईटी स्नातक बतौर संरक्षक

प्रशिक्षण विशिष्ट रूप से डी. वेंकट साई द्वारा दिया जा रहा है, जो केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी के साथ आईआईटी-मद्रास के स्नातक हैं और वर्तमान में एक दोषी के रूप में सजा काट रहे हैं। वह कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन, अंग्रेजी संचार और व्यवहार कौशल पर ज्ञान प्रदान करते हैं। उनकी उल्लेखनीय पृष्ठभूमि और समर्पण कैदियों को एक संरचित और सकारात्मक सीखने के अनुभव की ओर प्रेरित और मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण हैं।

पाठ्यक्रम और परिणाम

पाठ्यक्रम कंप्यूटर मूल सिद्धांतों से शुरू होता है और माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सूट, क्लाउड स्टोरेज और कार्यालय प्रक्रियाओं जैसे उन्नत अवधारणाओं तक आगे बढ़ता है। कैदियों को साक्षात्कार कौशल को बेहतर बनाने के लिए अंग्रेजी संचार और बॉडी लैंग्वेज में भी प्रशिक्षण मिलता है। कई प्रतिभागी, जिन्हें पहले कंप्यूटर का कोई अनुभव नहीं था, अब कार्यालय अनुप्रयोगों में कुशल हैं, जो सीखने और अपने जीवन को फिर से बनाने के लिए भारी उत्साह और प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं।

पुनः एकीकरण के लिए दृष्टिकोण

विशाखापत्तनम सेंट्रल जेल प्रशासन, स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के सहयोग से, सामाजिक पुनः एकीकरण को बढ़ावा देना और अपराध को रोकना चाहता है। कैदियों को मूल्यवान डिजिटल कौशल से लैस करके, कार्यक्रम उन्हें आधुनिक नौकरी बाजार के लिए तैयार करता है। 'ज्ञानसागर' शिक्षा ब्लॉक में स्थित यह पहल शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से जीवन को बदलने के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

क्यों मायने रखता है

यह कार्यक्रम NDPS कैदियों को समाज में फिर से जुड़ने में मदद करता है, क्षेत्र में उच्च नशीले पदार्थों से संबंधित अपराध दर को संबोधित करता है और प्रतिभागियों को एक नए, अपराध-मुक्त जीवन का अवसर प्रदान करता है।

मुख्य तथ्य

  • Program Target: Remand prisoners (18-35) under NDPS Act
  • Training Focus: Digital & Office Management Skills (Microsoft Office, hardware, communication)
  • Instructor: D. Venkata Sai, IIT-Madras PhD graduate, a convict
  • Collaborators: Skill Development Institute (SDI)
  • Inmate Population (NDPS): 60% of Visakhapatnam Central Jail's inmates
  • Duration of Course: Two Months

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