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राजस्थान CM ने ₹90,000 करोड़ की राम जल सेतु परियोजना की समीक्षा की

Briovo· 11 Jul 2026, 08:41 am IST
राजस्थान CM ने ₹90,000 करोड़ की राम जल सेतु परियोजना की समीक्षा की

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्वी राजस्थान के जल संकट को हल करने के उद्देश्य से ₹90,000 करोड़ की राम जल सेतु लिंक परियोजना की समीक्षा की। यह परियोजना 17 जिलों के 3.25 करोड़ लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराएगी और कृषि व औद्योगिक विकास में सहायता करेगी। नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे का काम पूरा हो चुका है, जबकि ₹24,000 करोड़ का काम अभी जारी है। ₹2,330 करोड़ की लागत से चंबल एक्वाडक्ट का निर्माण चल रहा है, जो प्रमुख जल निकायों को जोड़ेगा। जनवरी 2024 में मध्य प्रदेश के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके बाद दिसंबर 2024 में केंद्र सरकार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ, जिसका लक्ष्य 2026 तक पूरा होना है।

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CM ने महत्वाकांक्षी जल परियोजना की समीक्षा की

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में 'राम जल सेतु लिंक परियोजना' की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। ₹90,000 करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य पूर्वी राजस्थान के जल संकट को स्थायी रूप से हल करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी चल रहे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय से पहले पूरा करने का निर्देश दिया है।

2026 तक 17 जिलों को मिलेगा पानी

संशोधित 'राम जल सेतु लिंक परियोजना' से राजस्थान के 17 जिलों के लगभग 3.25 करोड़ लोगों को मीठा पीने का पानी उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त, यह हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई और इन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त पानी सुनिश्चित करेगा। परियोजना का लक्ष्य 2026 तक पूरी तरह से पूरा होना है।

प्रमुख निर्माण कार्यों में बड़ी उपलब्धियां

धरातल पर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिसमें वर्तमान में ₹24,000 करोड़ से अधिक का विकास कार्य चल रहा है। नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रामगढ़ बैराज और महलपुर बैराज के ओवरफ्लो हिस्सों पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें काफी कॉंक्रीटिंग का काम जारी है।

चंबल एक्वाडक्ट की महत्वपूर्ण भूमिका

पहले चरण के तहत, चंबल एक्वाडक्ट का युद्धस्तर पर निर्माण चल रहा है, जिसकी अनुमानित लागत ₹2,330 करोड़ है। यह विशाल एक्वाडक्ट कोटा जिले के पीपलदा समेल गांव और बूंदी जिले के गोहाटा गांव को जोड़ेगा। यह नवनेरा बैराज से पानी उठाकर मेज नदी में छोड़ेगा, जिसे फिर फीडर प्रणालियों के माध्यम से गलवा बांध, बीसलपुर और ईसरदा बांध में स्थानांतरित किया जाएगा।

विस्तृत नहर नेटवर्क का विकास

परियोजना में राजस्थान के विभिन्न बांधों को जोड़ने के लिए फीडर नहरों और भूमिगत पाइपलाइनों का एक विशाल नेटवर्क तैयार करना शामिल है। प्रमुख मार्गों में नवनेरा से मेज एनीकट तक 19 किमी की फीडर नहर, ईसरदा से बंध बारेठा तक 180 किमी की फीडर नहर, और बीसलपुर से मोर सागर व ईसरदा से रामगढ़ बांध को जोड़ने वाली पाइपलाइन शामिल हैं। जयसमंद (अलवर) और ब्राह्मणी बैराज के लिए भी संरेखण कार्य चल रहा है।

पुनर्वास और मुआवजे पर ध्यान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन परिवारों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण पर जोर दिया है जिनकी जमीन परियोजना से प्रभावित है। उन्होंने अधिकारियों को हर प्रभावित परिवार के लिए पारदर्शी और समयबद्ध पुनर्वास और मुआवजे को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

क्यों मायने रखता है

राम जल सेतु लिंक परियोजना पूर्वी राजस्थान में पानी की गंभीर कमी को दूर करने, लाखों लोगों के लिए पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और क्षेत्र के कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य तथ्य

  • Project Cost: ₹90,000 crore
  • Beneficiary Population: 3.25 crore across 17 districts
  • Ongoing Work Value: ₹24,000 crore
  • Aqueduct Cost: ₹2,330 crore (Chambal Aqueduct)
  • MOU Signed: January 2024 (with MP)
  • Tripartite Agreement: December 2024 (Centre, Rajasthan, MP)

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