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जैसलमेर: भादरिया गौशाला का 5 घंटे तक निरीक्षण

Briovo· 02 Jul 2026, 01:38 pm IST
जैसलमेर: भादरिया गौशाला का 5 घंटे तक निरीक्षण

जैसलमेर जिला कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष निरीक्षण दल ने पोकरण स्थित भादरिया गौशाला का पांच घंटे तक निरीक्षण किया। यह गौशाला राजस्थान की सबसे बड़ी गौशालाओं में से एक है, जिसमें 35,000 पशुधन हैं। टीम ने भादरिया गांव के भीतर तीन अलग-अलग गौशालाओं में चारे और पानी की उपलब्धता, पशु चिकित्सा सुविधाओं और बीमार जानवरों की समग्र देखभाल की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने पशुधन के लिए चारे, पानी और चिकित्सा उपचार संबंधी संतोषजनक स्थितियों की सूचना दी। निरीक्षण व्यापक था, जिसमें गौशाला के संचालन और बुनियादी ढांचे के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया था।

AI सारांश

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जैसलमेर में गौशाला का व्यापक निरीक्षण

जैसलमेर जिला कलेक्टर के निर्देशों पर एक विशेष निरीक्षण दल ने हाल ही में पोकरण स्थित भादरिया गौशाला का पांच घंटे तक विस्तृत निरीक्षण किया। यह सुविधा राजस्थान की सबसे बड़ी गौशालाओं में से एक के रूप में उल्लेखनीय है, जो बड़ी संख्या में गायों को आश्रय प्रदान करती है।

तीन गौशालाएं मूल्यांकन के दायरे में

संयुक्त टीम ने भादरिया गांव के भीतर तीन अलग-अलग गौशालाओं का दौरा किया: जगदंबा सेवा समिति गौशाला, नंदी गौशाला और भादरिया माता गौशाला। प्रशासनिक अधिकारियों और पशु चिकित्सकों ने इन गौशालाओं के विभिन्न वर्गों का गहन मूल्यांकन किया ताकि उनकी परिचालन दक्षता और पशु देखभाल मानकों का आकलन किया जा सके।

चारा, पानी और चिकित्सा देखभाल पर ध्यान

निरीक्षण दल ने गौ चिकित्सालय, चारा भंडारण क्षेत्रों, पेयजल प्रणालियों और बीमार मवेशियों के उपचार सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं की बारीकी से जांच की। इस व्यापक समीक्षा ने यह सुनिश्चित किया कि पशुधन के कल्याण के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं मानक के अनुरूप थीं।

अधिकारियों द्वारा संतोषजनक स्थिति रिपोर्ट

निरीक्षण दल के सदस्य अतिरिक्त विकास अधिकारी भगवान सिंह ने मवेशियों के लिए सूखे और हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता की पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि सभी स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था संतोषजनक थी, और बीमार गायों के लिए पशु चिकित्सा नियमित और प्रभावी थी।

निरीक्षण दल में प्रमुख कर्मी

निरीक्षण दल में पोकरण तहसीलदार हजाराराम, अतिरिक्त विकास अधिकारी भगवान सिंह और पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. लोकेश कुमार, डॉ. उत्तम चंद्र और डॉ. वीरेंद्र गुर्जर सहित कई प्रमुख अधिकारी शामिल थे। उनकी संयुक्त विशेषज्ञता ने गौशाला सुविधाओं का गहन और पेशेवर मूल्यांकन सुनिश्चित किया।

क्यों मायने रखता है

बड़े पैमाने पर पशु आश्रयों का नियमित निरीक्षण उचित पशु कल्याण और परिचालन मानकों का पालन सुनिश्चित करता है, जिससे पशुधन के स्वास्थ्य की सुरक्षा होती है।

मुख्य तथ्य

  • Inspection Duration: 5 hours
  • Number of Cattle: 35,000
  • Location: Bhadaria Gaushala, Pokhran, Jaisalmer
  • Inspection Focus: Fodder, water, medical treatment
  • Outcome: Satisfactory conditions reported

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