Briovo

Article

Yamuna Water AgreementShekhawati WaterRajasthan Water ProjectHathnikund Barrage

यमुना जल समझौता: दिल्ली में आज निर्णायक वार्ता

Briovo· 23 Jun 2026, 06:28 am IST1
यमुना जल समझौता: दिल्ली में आज निर्णायक वार्ता

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या को हल करने के उद्देश्य से यमुना जल समझौते को लेकर आज नई दिल्ली में अहम वार्ता हो रही है। इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भाग ले रहे हैं। इस बैठक का लक्ष्य यमुना जल परियोजना के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप देना है, जिसके तहत हथनीकुंड बैराज से चूरू, सीकर और झुंझुनू तक भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से 1917 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जाएगी। यह परियोजना, जो 1994 से लंबित है, पेयजल उपलब्ध कराएगी और किसानों को लाभ पहुंचाएगी। संयुक्त डीपीआर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए सौंप दी गई है, जिसके लिए राजस्थान ने ₹32,000 करोड़ का बजट आवंटित किया है।

AI सारांश

3 bullets

दिल्ली में उच्च स्तरीय वार्ता

यमुना जल समझौते को लेकर आज नई दिल्ली में एक निर्णायक बैठक आयोजित की जा रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस बैठक में हिस्सा लेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यमुना जल परियोजना से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoA) को अंतिम रूप देना है।

शेखावाटी की जल समस्या का समाधान

यमुना जल परियोजना राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में पीने के पानी की गंभीर समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराकर कृषि समृद्धि सुनिश्चित करना भी है। 1994 में हुए एक समझौते से शुरू हुई यह लंबे समय से लंबित परियोजना क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

परियोजना विवरण और आवंटन

1994 के यमुना जल समझौते के तहत, राजस्थान को मानसून के चार महीनों के दौरान हथनीकुंड बैराज से प्रतिवर्ष 1917 क्यूसेक यमुना जल प्राप्त होना तय है। इसका अर्थ जुलाई से अक्टूबर तक 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) अतिरिक्त पानी होगा। यह पानी भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से चूरू, सीकर और झुंझुनू जैसे जल-संकटग्रस्त जिलों तक पहुंचाया जाएगा।

बुनियादी ढांचा और वित्तपोषण

एक संयुक्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्र सरकार को सौंप दी गई है। यह हथनीकुंड बैराज से चार भूमिगत पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव करती है, जो मुख्य रूप से शेखावाटी और हरियाणा-राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों को सेवाएं प्रदान करेगी। हरियाणा से चूरू तक की परियोजना लगभग 265 किमी लंबी है, जिसके लिए राजस्थान ने अपने 2026-27 के बजट में ₹32,000 करोड़ आवंटित किए हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ और अगले कदम

शेखावाटी के लिए यह जल आवंटन मई 1994 में हुए मूल यमुना जल समझौते के बाद से लंबित है, जिसमें पांच राज्य शामिल थे। केंद्र सरकार अब संयुक्त डीपीआर की समीक्षा करेगी। मंजूरी मिलने के बाद, समझौते की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी, जिससे परियोजना के कार्यान्वयन और दशकों के जल संकट के अंत का मार्ग प्रशस्त होगा।

क्यों मायने रखता है

यह समझौता राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में पीने योग्य पानी की तीव्र कमी का स्थायी समाधान प्रदान करने, कृषि को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय विकास को गति देने का लक्ष्य रखता है।

मुख्य तथ्य

  • Participating Leaders: Rajasthan CM Bhajanlal Sharma, Union Jal Shakti Minister C.R. Patil, Haryana CM Nayab Singh Saini
  • Water Allocation: 1917 cusecs from Hathnikund Barrage during monsoon (July-Oct)
  • Beneficiary Districts (Rajasthan): Churu, Sikar, Jhunjhunu
  • Pipeline Length: Approx. 265 km from Haryana to Churu
  • Estimated Cost: ₹32,000 crore (Rajasthan Budget 2026-27)
  • Agreement Origin: May 1994, among 5 states (Rajasthan, Haryana, UP, Himachal Pradesh, Delhi)

क्या यह मददगार था?

Reader pulse

0 votes
Test yourself

Generate a 5-question quiz from this article.

चर्चा

Discussion (0)

Loading…