बॉम्बे HC ने शिवसेना कॉर्पोरेटर को कहा: "डॉक्टर पर हमले के दौरान 25 साल के युवा से भी…
बॉम्बे हाईकोर्ट ने डोंबिवली डॉक्टरों पर हमले के मामले में शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को उनकी उम्र और मेडिकल स्थिति के बावजूद रियायत देने से इनकार कर दिया। कथित हमले के वायरल फुटेज का जिक्र करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की कि घटना के दौरान म्हात्रे "25 साल के युवा से भी ज़्यादा ऊर्जावान" दिख रहे थे। 73 वर्षीय म्हात्रे पर 6 जुलाई को शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों पर हमला करने का आरोप है। उनके वकील ने उनके स्वास्थ्य का हवाला दिया और दावा किया कि उन्होंने एक आपात स्थिति के दौरान हस्तक्षेप किया था, लेकिन अदालत ने उनकी जमानत पर रोक लगा दी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी हस्तक्षेप किया है, और अदालत ने सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
AI सारांश
3 bulletsकॉर्पोरेटर को HC ने राहत देने से किया इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे की अग्रिम उम्र और कई स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद, नरमी बरतने की याचिका को खारिज कर दिया है। 73 वर्षीय म्हात्रे डोंबिवली के एक अस्पताल में डॉक्टरों पर कथित हमले के एक मामले में फंसे हुए हैं। अदालत ने घटना के दौरान उनके कार्यों को उल्लेखनीय रूप से जोरदार पाया, जो उनकी कमजोरी के दावों के विपरीत था।
वायरल फुटेज और आरोप
6 जुलाई को हुई इस घटना में म्हात्रे ने कथित तौर पर मेडिकल अधिकारी डॉ. वैभव सालुंके को थप्पड़ और मुक्का मारा तथा रेजिडेंट मेडिकल अधिकारी डॉ. सृष्टि बाविस्कर को भी मारा। शास्त्री नगर अस्पताल में हुए इस हमले को सीसीटीवी में कैद कर लिया गया और बाद में यह वायरल हो गया, जिससे चिकित्सा समुदाय में व्यापक निंदा और विरोध प्रदर्शन हुए। म्हात्रे को 9 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
म्हात्रे का बचाव और कोर्ट की प्रतिक्रिया
म्हात्रे के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उन्होंने एक गर्भवती महिला से जुड़ी एक महत्वपूर्ण चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में हस्तक्षेप किया, यह दावा करते हुए कि उनका इरादा केवल मदद करना था। हालांकि, एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र वी. घुगे और जस्टिस गौतम ए. अनखद की हाईकोर्ट बेंच ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हमले के दौरान म्हात्रे "25 साल के युवा से भी ज़्यादा ऊर्जावान" दिख रहे थे। अदालत ने बाद में उनकी जमानत पर रोक बढ़ा दी।
IMA का हस्तक्षेप और जांच
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) को मामले में हस्तक्षेप करने की अनुमति दी गई, जिसने हमला किए गए डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाई और अदालत की सहायता करने की पेशकश की। अदालत ने चल रही जांच में सहायता के लिए शास्त्री नगर अस्पताल और ठाणे सिविल अस्पताल दोनों से महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश भी जारी किए हैं। इस फुटेज को आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है।
चिकित्सा बिरादरी पर व्यापक प्रभाव
इस घटना ने चिकित्सा बिरादरी के भीतर स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा और संरक्षा के बारे में चिंताओं को बढ़ा दिया है। वायरल फुटेज के बाद पूरे महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन हुए, जो डॉक्टरों पर बार-बार होने वाले हमलों पर गहरी नाराजगी और निराशा को दर्शाते हैं। यह मामला हिंसा के ऐसे कृत्यों के खिलाफ मजबूत कानूनी सुरक्षा और सख्त प्रवर्तन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला चिकित्सा पेशेवरों के खिलाफ हिंसा के लगातार मुद्दे और ऐसी घटनाओं पर कानूनी प्रणाली की प्रतिक्रिया को उजागर करता है, खासकर जब इसमें उच्च पदस्थ व्यक्ति शामिल हों।
मुख्य तथ्य
- •Accused: Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre (73 years old)
- •Incident Date: July 6, 2026
- •Location of Assault: Kalyan Dombivli Municipal Corporation (KDMC)-run Shastri Nagar Hospital
- •Victims: Dr. Vaibhav Salunkhe (Medical Officer) and Dr. Srishti Baviskar (Resident Medical Officer)
- •Court Observation: Mhatre appeared "more energetic than a 25-year-old" during the assault
- •Legal Status: Bombay High Court extended stay on Mhatre's bail
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