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नारनौल साइबर धोखाधड़ी: जोधपुर का व्यक्ति ₹1.18 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार

Briovo· 17 Jul 2026, 05:28 pm IST
नारनौल साइबर धोखाधड़ी: जोधपुर का व्यक्ति ₹1.18 करोड़ के घोटाले में गिरफ्तार

नारनौल साइबर पुलिस ने ₹1.18 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी के सिलसिले में राजस्थान के जोधपुर से दिव्यांशु को गिरफ्तार किया है। दिव्यांशु कथित तौर पर टेलीग्राम टास्क धोखाधड़ी में शामिल साइबर अपराधियों के लिए कमीशन के आधार पर अपने बैंक खाते का उपयोग करता था। खेराना गांव के सुनील कुमार की शिकायत से शुरू हुए इस मामले में यह 17वीं गिरफ्तारी है। कुमार को टेलीग्राम पर ऑनलाइन कार्यों का लालच दिया गया था, जिसने शुरू में छोटे भुगतान प्राप्त किए, फिर अधिक रिटर्न का वादा करके ₹1.18 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी की गई। पुलिस जांच जारी है, पिछली गिरफ्तारियों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और एटीएम कार्ड जैसी महत्वपूर्ण बरामदगी हुई है।

AI सारांश

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साइबर धोखाधड़ी मामले में मुख्य गिरफ्तारी

नारनौल साइबर पुलिस ने ₹1.18 करोड़ के बड़े साइबर धोखाधड़ी के संबंध में राजस्थान के जोधपुर से दिव्यांशु को गिरफ्तार किया है। दिव्यांशु पर आरोप है कि उसने साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते का उपयोग कमीशन के आधार पर अपनी अवैध गतिविधियों के लिए करने की अनुमति देकर इस घोटाले को सुगम बनाया। यह गिरफ्तारी इस चल रही जांच में हिरासत में लिए गए 17वें व्यक्ति को चिह्नित करती है।

घोटाले के संचालन का विवरण

पुलिस जांच में reveló (पता चला) कि दिव्यांशु का बैंक खाता धोखाधड़ी के धन के लिए एक माध्यम था, जिसमें ₹1 लाख की ठगी की गई राशि सीधे उसके खाते में स्थानांतरित की गई थी। यह घोटाला मुख्य रूप से 'टेलीग्राम टास्क धोखाधड़ी' में शामिल था, जहां पीड़ितों को ऑनलाइन काम और उच्च रिटर्न के वादों से लुभाया गया था। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने पहले इस व्यापक नेटवर्क में शामिल 16 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।

पीड़ित का अनुभव और वित्तीय हानि

यह मामला खेराना गांव के सुनील कुमार द्वारा दर्ज की गई शिकायत से उत्पन्न हुआ, जिन्हें टेलीग्राम पर एक ऑनलाइन काम का संदेश मिला था। फिर उन्हें एक वेबसाइट पर पंजीकरण करने और एक टेलीग्राम समूह में शामिल होने के लिए निर्देशित किया गया, जहां उन्हें दैनिक ऑनलाइन कार्य सौंपे गए।L शुरूआत में, उन्होंने अपने बैंक खाते में छोटी रकम सफलतापूर्वक स्थानांतरित की, जिससे इस योजना में उनका विश्वास बढ़ा।

बढ़ता जाल और भारी नुकसान

उसका विश्वास जीतने के बाद, साइबर धोखेबाजों ने कुमार को अधिक मुनाफे का वादा करके विभिन्न बैंक खातों में उत्तरोत्तर बड़ी रकम जमा करने के लिए राजी किया। उसने अपनी बचत और दोस्तों व रिश्तेदारों से उधार लिए गए पैसे दोनों का उपयोग करके कुल ₹1,18,47,353 का निवेश किया। वेबसाइट पर ₹1,52,03,443 का शेष राशि देखने के बावजूद, उसे कभी कोई रिटर्न नहीं मिला और उस पर और भी अधिक धन जमा करने के लिए लगातार दबाव डाला गया।

जारी जांच और बरामदगी

कुमार की शिकायत के बाद, पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, और जांच अभी भी सक्रिय है। इस मामले में पिछली गिरफ्तारियों से ₹20,000 नकद, 26 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 59 एटीएम कार्ड, 22 चेकबुक, आठ कैशबुक, 12 पासबुक और 17 सिम कार्ड सहित महत्वपूर्ण बरामदगी हुई हैं, जो इस साइबर अपराध ऑपरेशन के पैमाने को दर्शाती हैं।

क्यों मायने रखता है

यह मामला ऑनलाइन टास्क-आधारित घोटालों के बढ़ते प्रचलन को उजागर करता है, जहां पीड़ितों को पहले विश्वास बनाने के लिए छोटी रकम का भुगतान किया जाता है, फिर साइबर अपराधियों द्वारा बड़ी रकम की धोखाधड़ी की जाती है। यह ऐसे परिष्कृत ऑनलाइन घोटालों के बारे में जन जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देता है।

मुख्य तथ्य

  • Total Fraud Amount: ₹1.18 crore
  • Arrested Individual: Divyanshu from Jodhpur
  • Total Arrests Made: 17
  • Modus Operandi: Telegram task fraud
  • Victim's Initial Payment: ₹1 lakh deposited in accused's account

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