सेना (UBT) ने MP दल-बदल की अफवाहों के बीच व्हिप जारी किया
शिवसेना (यूबीटी) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को संसदीय दल की बैठक में शामिल होने का निर्देश देते हुए एक व्हिप जारी किया है। यह इस अटकल के बीच आया है कि उसके नौ सांसदों में से छह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं और स्पीकर ओम बिरला से अलग पहचान की मांग कर सकते हैं। शिंदे गुट का दावा है कि उन्हें दो-तिहाई सांसदों का समर्थन प्राप्त है, जिससे दल-बदल विरोधी कानून लागू नहीं होगा। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को पाला बदलने के लिए ₹50 करोड़ की पेशकश की जा रही है, हालांकि कुछ सांसदों ने इस दावे का खंडन किया है। पार्टी ने स्पीकर को एक ज्ञापन सौंपकर किसी भी बागी गुट को मान्यता न देने का आग्रह किया है।
AI सारांश
3 bulletsदल-बदल के डर से व्हिप जारी
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को एक महत्वपूर्ण संसदीय दल की बैठक में उपस्थित रहने के लिए एक कड़ा व्हिप जारी किया है। यह निर्देश इस बढ़ती आशंका और मीडिया अटकलों के जवाब में आया है कि उसके सांसदों का एक बड़ा हिस्सा प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने वाला है।
बागी सांसद स्पीकर की मान्यता पर टकटकी लगाए
रिपोर्टों से पता चलता है कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह वर्तमान में दिल्ली में हैं, जो स्पीकर ओम बिरला से मिलने की तैयारी कर रहे हैं। उनका उद्देश्य अपने गुट के लिए अलग मान्यता प्राप्त करना है, एक ऐसा कदम जिसके बारे में एकनाथ शिंदे गुट का दावा है कि इसे यूबीटी के दो-तिहाई सांसदों का समर्थन मिल सकता है, जिससे दल-बदल विरोधी कानून को दरकिनार किया जा सकता है।
'पाला बदलने के लिए पैसे' के आरोप
शिवसेना (यूबीटी) के एक प्रमुख नेता संजय राउत ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि सांसदों को अपनी निष्ठा बदलने के लिए कथित तौर पर प्रत्येक को ₹50 करोड़ की बड़ी रकम की पेशकश की जा रही है। उन्होंने इस कथित प्रथा को 'अपना सपना मनी मनी' करार दिया, जो संभावित दल-बदल के पीछे कथित वित्तीय प्रलोभनों को उजागर करता है। जबकि कुछ सांसदों ने ऐसी पेशकश से इनकार किया है, ये आरोप चल रहे राजनीतिक नाटक को हवा देते हैं।
सेना (यूबीटी) ने स्पीकर से अपील की
एक पूर्व-खाली उपाय के रूप में, शिवसेना (यूबीटी) ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक रूप से एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अध्यक्ष से किसी भी नए बागी गुट को मान्यता न देने का आग्रह किया गया है, जिसमें पार्टी के इस रुख पर जोर दिया गया है कि पार्टी इकाई सर्वोपरि है, न कि व्यक्तिगत सांसद या विधायक जो स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं। वे पार्टी को अस्थिर करने के कथित प्रयासों के खिलाफ संवैधानिक अखंडता को बनाए रखना चाहते हैं।
क्यों मायने रखता है
यह राजनीतिक घटनाक्रम शिवसेना के गुटों के भीतर सत्ता के संतुलन को काफी बदल सकता है और महाराष्ट्र तथा राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है। यदि दल-बदल होता है, तो यह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को मजबूत कर सकता है और उद्धव ठाकरे की स्थिति को कमजोर कर सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Number of Shiv Sena (UBT) Lok Sabha…: 9
- •Number of speculated defecting MPs: 6
- •Alleged offer for defection per MP: ₹50 crore
- •Party issuing the whip: Shiv Sena (UBT)
- •Speaker to be approached by rebels: Om Birla
- •Leader of Eknath Shinde-led Shiv…: Shrikant Shinde
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