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कुलगाम हमला: लश्कर आतंकी लतीफ की पहचान, पाक हैंडलर जट्ट पर शक

Briovo· 03 Aug 2026, 07:17 am IST
कुलगाम हमला: लश्कर आतंकी लतीफ की पहचान, पाक हैंडलर जट्ट पर शक

कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले का मुख्य संदिग्ध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी मोहम्मद लतीफ है. मृत LeT कमांडर जाकिर गनई का करीबी सहयोगी लतीफ, AK-47 और पिस्तौल का इस्तेमाल करके इस 'हिट-एंड-रन' घटना को अंजाम दिया है. इस हमले की साजिश पाकिस्तान स्थित LeT हैंडलर सज्जाद जट्ट/सैफुल्ला ने रची थी. सुरक्षा बल हमलावरों को पकड़ने और स्थानीय आतंकवादियों तथा सीमा पार के हैंडलरों के बीच संबंधों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी जांच में शामिल है, जिसने पहले जट्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

AI सारांश

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कुलगाम हमले का मुख्य संदिग्ध पहचान

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसकी शाखा टीआरएफ से जुड़ा एक आतंकवादी मोहम्मद लतीफ, प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर किए गए हालिया कुलगाम आतंकी हमले में मुख्य संदिग्ध के रूप में पहचाना गया है. कुलगाम का रहने वाला लतीफ LeT में शामिल होने के बाद लापता हो गया था और वह हाल ही में मारे गए LeT कमांडर जाकिर गनई का करीबी सहयोगी था.

पाकिस्तान स्थित हैंडलर पर शक

खुफिया सूत्रों का मानना है कि इस 'हिट-एंड-रन' हमले की साजिश पाकिस्तान स्थित LeT हैंडलर सज्जाद जट्ट, जिसे सैफुल्ला के नाम से भी जाना जाता है, ने रची थी. जट्ट दक्षिण कश्मीर में लक्षित हत्याओं में शामिल रहा एक वरिष्ठ LeT संचालक है, और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहले भी उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए हैं.

हमले का विवरण और कार्यप्रणाली

यह हमला रात करीब 8:30 बजे कुलगाम के किलम गांव में एक ईंट-भट्ठे पर दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों द्वारा किया गया था. उन्होंने पहचान पत्र जांचने के बाद AK-47 और पिस्तौल का इस्तेमाल कर करीब से गोलीबारी की. फोरेंसिक साक्ष्य हमलावर लतीफ को हमले में इस्तेमाल AK-47 से जोड़ते हैं, क्योंकि उसने पहले अनंतनाग में लक्षित हत्याओं में इसका इस्तेमाल किया था.

हताहत और सुरक्षा प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूर दीपक और भूपेंद्र इस हमले में निशाना बने. दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिससे मरने वालों की संख्या दो हो गई. घटना के बाद, भारतीय सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित सुरक्षा बलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया है.

उपराज्यपाल सिन्हा ने सुरक्षा की समीक्षा की और उपाय सुझाए

हमले के जवाब में, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने सभी उपायुक्तों और SSPs को प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (SoPs) की समीक्षा करने का निर्देश दिया और नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी प्रवासी श्रमिकों का बीमा हो और स्थानीय पुलिस और जिला अधिकारियों के पास उनका पंजीकरण हो.

आतंकवाद विरोधी अभियानों और जांच पर ध्यान

उपराज्यपाल सिन्हा ने आतंकवादियों को खत्म करने के लिए सटीक और प्रभावी आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया. स्थानीय हमलावरों और सीमा पार LeT हैंडलरों, जिसमें सज्जाद जट्ट भी शामिल है, के बीच सटीक डिजिटल और परिचालन लिंक स्थापित करने के प्रयास जारी हैं. NIA व्यापक साजिश की जांच जारी रखे हुए है.

क्यों मायने रखता है

कुलगाम हमला जम्मू-कश्मीर में प्रवासी श्रमिकों के खिलाफ आतंकवाद के लगातार खतरे को उजागर करता है, जिसे सीमा पार के हैंडलर द्वारा अंजाम दिया जाता है. प्रमुख अपराधियों और उनके नेटवर्क की पहचान क्षेत्रीय स्थिरता और कमजोर आबादी की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.

मुख्य तथ्य

  • Main Suspect: Mohammad Latif (LeT/TRF militant)
  • Mastermind: Sajjad Jatt/Saifullah (Pakistan-based LeT handler)
  • Victims: Two migrant workers from Chhattisgarh (Deepak and Bhupendra)
  • Weapons Used: AK-47 and Pistol
  • Attack Location: Kilam village, Kulgam, Jammu & Kashmir
  • Investigation Agency: NIA (National Investigation Agency)

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