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गोवा: 1.03 करोड़ वर्ग मीटर भूमि नो डेवलपमेंट जोन घोषित

Briovo· 27 Jun 2026, 09:25 am IST
गोवा: 1.03 करोड़ वर्ग मीटर भूमि नो डेवलपमेंट जोन घोषित

गोवा ने दक्षिण गोवा के सालसेत तालुका में 1.03 करोड़ वर्ग मीटर भूमि को 'नो डेवलपमेंट जोन' (NDZ) घोषित किया है ताकि पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों, कृषि भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की जा सके। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री विश्वजीत राणे द्वारा घोषित यह निर्णय इन क्षेत्रों में निर्माण और विकास गतिविधियों को रोकेगा। NDZ में सात गांवों में फैले नमक के खेत, धान के खेत और अन्य पारिस्थितिक रूप से नाजुक भूमियाँ शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य तेजी से शहरीकरण से गोवा के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना, इसके प्राकृतिक परिदृश्य और कृषि विरासत को संरक्षित करना है।

AI सारांश

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पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल

गोवा सरकार ने दक्षिण गोवा के सालसेत तालुका में 1.03 करोड़ वर्ग मीटर भूमि को 'नो डेवलपमेंट जोन' (NDZ) घोषित करके पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस निर्णय का उद्देश्य इन नामित क्षेत्रों में निर्माण और विकास गतिविधियों पर रोक लगाना है। इसका प्राथमिक लक्ष्य पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों, कृषि भूमि और महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों को क्षरण से बचाना है।

NDZ के तहत आने वाले क्षेत्र

गोवा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री विश्वजीत राणे के अनुसार, अधिसूचित NDZ में नमक के खेत, धान के खेत और अन्य पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील भूमियाँ शामिल हैं। ये क्षेत्र सालसेत तालुका के सात गांवों में फैले हुए हैं। क्षेत्रीय योजना के तहत लागू किया गया यह उपाय, तेजी से शहरीकरण के दबावों के बीच प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों की रक्षा के लिए बनाया गया है।

ग्राम-वार भूमि आवंटन

सरकार ने सात गांवों में NDZ भूमि का वितरण निर्दिष्ट किया है। तालाउलिम गांव में 29.13 लाख वर्ग मीटर के साथ सबसे बड़ा हिस्सा है, इसके बाद माजोर्डा में 17.64 लाख वर्ग मीटर है। अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेराउलिम (16.81 लाख वर्ग मीटर), लोटोलिम (16.71 लाख वर्ग मीटर), उटोरडा (9.92 लाख वर्ग मीटर), ओरलिम (9.49 लाख वर्ग मीटर) और कालाटा (4.08 लाख वर्ग मीटर) शामिल हैं।

निर्णय के पीछे का तर्क

गोवा सरकार का यह निर्णय राज्य के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा की तत्काल आवश्यकता से प्रेरित है। गोवा, अपने प्राचीन समुद्र तटों और हरे-भरे क्षेत्रों के लिए प्रसिद्ध, तेजी से शहरीकरण से बढ़ते दबाव का सामना कर रहा है। पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण प्राकृतिक संसाधनों और राज्य की कृषि विरासत को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने हेतु आवश्यक माना गया है।

भविष्य की पर्यावरणीय योजनाएं

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इस महीने की शुरुआत में राज्य के विभिन्न हिस्सों में पर्यावरण संवेदनशील भूमियों की पहचान शुरू की थी। वर्तमान अधिसूचना सरकार द्वारा ऐसे क्षेत्रों को विकास के दबावों से बचाने के लिए एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। गोवा के अन्य क्षेत्रों में भी भविष्य में इसी तरह के और उपाय अपेक्षित हैं ताकि इसके प्राकृतिक परिदृश्य को संरक्षित किया जा सके।

क्यों मायने रखता है

यह निर्णय गोवा के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र, कृषि विरासत और प्राकृतिक संसाधनों को तेजी से शहरीकरण और अनियंत्रित विकास के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित होगी।

मुख्य तथ्य

  • Total land declared NDZ: 10.3 million square meters
  • Location: Salcete taluka, South Goa
  • Number of villages affected: Seven
  • Largest area in NDZ: Talaulim (2.91 million square meters)
  • Minister who made the announcement: Vishwajit Rane (Town and Country Planning)

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