खरगे ने परीक्षा अनियमितताओं पर सरकार को घेरा, प्रधान के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार पर परीक्षा अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न मांगकर जवाबदेही में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने नीट पुनर्परीक्षा के लिए टेलीग्राम को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने की आलोचना की। उन्होंने पिछले 10 वर्षों में 90 पेपर लीक होने और 9 करोड़ युवाओं को प्रभावित करने वाली इस घटना को एक पैटर्न से जोड़ा। खरगे ने इन मुद्दों के कारण कथित आत्महत्याओं पर प्रकाश डाला और सरकार की कथित निष्क्रियता की निंदा करते हुए जोर दिया कि प्रधान का इस्तीफा "जवाबदेही की पहली परीक्षा" है। कांग्रेस पेपर लीक और युवा बेरोजगारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी, जिसमें राहुल गांधी छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे।
AI सारांश
3 bulletsखरगे ने की मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह "जवाबदेही की परीक्षा में पूरी तरह विफल" रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, उनके कार्यकाल में हुई कई परीक्षा अनियमितताओं का हवाला दिया। खरगे की टिप्पणी शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर सरकार पर बढ़ते राजनीतिक दबाव को रेखांकित करती है।
नीट पुनर्परीक्षा के लिए टेलीग्राम ब्लॉक
खरगे ने 21 जून को नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने के लिए भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने इस कार्रवाई को पेपर लीक के व्यापक मुद्दे से जोड़ा, यह दावा करते हुए कि सरकार का ऐप्स को ब्लॉक करने या "छोटी मछलियों" को पकड़ने का तरीका मूल कारण को संबोधित नहीं करता है। इस कदम ने परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर और अधिक आलोचना को जन्म दिया है।
पेपर लीक और युवा प्रभाव का इतिहास
कांग्रेस अध्यक्ष ने एक चिंताजनक प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला, जिसमें कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों में 90 पेपर लीक हुए हैं, जिससे 9 करोड़ युवा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने नीट, एसएससी, यूजीसी-नेट और सीयूईटी सहित कई प्रभावित परीक्षाओं का उल्लेख किया। खरगे ने दावा किया कि इन अनियमितताओं ने कई युवा व्यक्तियों को आत्महत्या करने पर मजबूर किया है, जो प्रणालीगत विफलताओं की गंभीर मानवीय कीमत पर जोर देता है।
जवाबदेही और अभियानों का आह्वान
खरगे ने जोर देकर कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भाजपा सरकार के लिए "जवाबदेही की पहली परीक्षा" है। इन मुद्दों के जवाब में, कांग्रेस ने पेपर लीक और युवा बेरोजगारी पर केंद्रित एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। राहुल गांधी 17 जून, 2026 से कोटा में छात्र सम्मेलनों का नेतृत्व करने वाले हैं, जिसका उद्देश्य संकट से निपटने में सरकार के खिलाफ छात्र समर्थन जुटाना है।
क्यों मायने रखता है
नीट, यूजीसी-नेट और यूपीएससी सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यापक अनियमितताएं जनता के विश्वास को कम कर रही हैं और लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं, जिससे महत्वपूर्ण राजनीतिक बहस और राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहे हैं।
मुख्य तथ्य
- •Criticism Source: Congress President Mallikarjun Kharge
- •Minister Demanded to Resign: Education Minister Dharmendra Pradhan
- •Exam Irregularities: NEET, UGC-NET, CBSE, UPSC
- •Paper Leaks in 10 Years: 90
- •Youth Affected: 9 crore
- •Action Taken by Govt: Temporary blocking of Telegram for NEET re-exam
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