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टीएमसी विधायक ने बंगाल योजनाओं में कटौती न करने का आग्रह किया

Briovo· 21 Jun 2026, 05:30 pm IST
टीएमसी विधायक ने बंगाल योजनाओं में कटौती न करने का आग्रह किया

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई सामाजिक कल्याण योजनाओं में कटौती न करने का आग्रह किया है। घोष ने जोर देकर कहा कि इन योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ होता है और राजनीतिक कारणों से इनमें कटौती नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अन्नपूर्णा योजना के लिए "पात्र महिलाओं" की परिभाषा स्पष्ट करने और मौजूदा लाभार्थियों को लाभ जारी रखने की भी मांग की। यह नए पश्चिम बंगाल बजट और चल रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों में संभावित बदलावों की चिंताओं के जवाब में आया है।

AI सारांश

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टीएमसी ने योजना कटौती के खिलाफ आग्रह किया

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल में सामाजिक कल्याण योजनाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई परियोजनाएं, जिनसे बड़ी आबादी को लाभ होता है, राजनीतिक रूप से प्रेरित कटौती का सामना नहीं करनी चाहिए। घोष ने राज्य के निवासियों के लिए इन कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला।

अन्नपूर्णा योजना पर ध्यान

घोष ने विशेष रूप से अन्नपूर्णा योजना के संबंध में चिंता व्यक्त की, और योजना के तहत 'पात्र महिलाओं' की स्पष्ट परिभाषा का आग्रह किया। उनके इस आह्वान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वर्तमान लाभार्थियों को अनजाने में बाहर न किया जाए और वे अपने हक लाभ प्राप्त करते रहें। यह योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।

मौजूदा लाभार्थियों की सुरक्षा

टीएमसी की एक प्राथमिक मांग है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के मौजूदा लाभार्थियों को बिना किसी रुकावट के अपने लाभ मिलते रहने चाहिए। यह रुख आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्हें डर है कि बजट में बदलाव से कमजोर वर्गों के लिए सहायता प्रणाली अनजाने में खतरे में पड़ सकती है।

राजनीतिक मंशा का डर

कुणाल घोष ने स्पष्ट रूप से कहा कि इन योजनाओं में कोई भी कटौती राजनीतिक मंशा से प्रेरित नहीं होनी चाहिए। टीएमसी का मानना है कि लोगों का कल्याण राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर होना चाहिए। यह सामाजिक कार्यक्रमों के वित्तपोषण और प्रशासन को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों के बीच संभावित टकराव का बिंदु दर्शाता है।

क्यों मायने रखता है

इन सामाजिक कल्याण योजनाओं का जारी रहना पश्चिम बंगाल में लाखों लाभार्थियों को सीधे प्रभावित करता है। किसी भी कटौती से जनता में भारी असंतोष और राज्य तथा केंद्र सरकारों के बीच राजनीतिक टकराव हो सकता है, खासकर राज्य बजट निधियों के आवंटन और उपयोग के संबंध में।

मुख्य तथ्य

  • Spokesperson: Kunal Ghosh (TMC MLA)
  • Key Demand: No cuts to social welfare schemes
  • Specific Scheme Mentioned: Annapurna Yojana
  • Beneficiary Clarification Sought: 'Eligible women' definition
  • Originator of Schemes: Former CM Mamata Banerjee

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