सोरेन का विपक्ष पर छात्रों को भड़काने का आरोप, "नोटों से भरी जेबें" बताया
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने विधानसभा में विपक्ष पर जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्र आंदोलन भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं की जेबें "नोटों से भरी" हैं और वे "लोकतंत्र को खरीदना" चाहते हैं। सोरेन ने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी टीडीपीएल का उत्तर प्रदेश से संबंध है और इसके पीछे एक साजिश है। उन्होंने छात्र मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि सरकार ने छात्रों की अधिकांश मांगें मान ली हैं, जिनमें कुछ परीक्षाओं को रद्द करना भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आईआईटी से सलाह लेने का भी वादा किया।
AI सारांश
3 bulletsसीएम ने छात्रों को भड़काने का आरोप विपक्ष पर लगाया
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में विपक्ष पर जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से संबंधित चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की जेबें 'नोटों से भरी' हैं और वे युवा आंदोलन का राजनीतिकरण करके 'लोकतंत्र को खरीदना' चाहते हैं। सोरेन ने मानसून सत्र के दौरान ये कड़ी टिप्पणियां कीं।
परीक्षा संचालन में साजिश का आरोप
सीएम सोरेन ने परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी, टीडीपीएल की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसका उत्तर प्रदेश से संबंध है और अनियमितताओं के पीछे एक बड़ी साजिश का सुझाव दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़े व्यक्तियों ने झारखंड और बिहार के लोगों को परेशान किया है, इस पूरे मामले को विपक्ष द्वारा बुना गया 'मकड़जाल' करार दिया। यह छात्रों के विधानसभा गेट तक मार्च करने के एक दिन बाद आया है।
सरकारी कार्रवाई और भविष्य के सुधार
सोरेन ने घोषणा की कि सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है और छात्रों की अधिकांश मांगों को पहले ही स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सरकार आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से सलाह लेगी। इस कदम का उद्देश्य राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता लाना है।
विरोध प्रदर्शनों के बीच पुलिस कार्रवाई का बचाव
मुख्यमंत्री ने छात्र विरोध प्रदर्शनों से निपटने में प्रशासन का बचाव किया, जिसमें 10 अगस्त को रांची में हुए हालिया लाठीचार्ज भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने धैर्य का परिचय दिया और प्रदर्शनकारी ऐसे क्षेत्र में घुस गए थे जहां पूरे साल धारा 144 लागू रहती है। सोरेन ने आगे विपक्ष पर जनता को गुमराह करने और विधानसभा की गरिमा का अनादर करने के लिए 'छात्रों का चोला' पहनने का आरोप लगाया।
क्यों मायने रखता है
छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री के विपक्ष पर लगाए गए कड़े आरोपों से झारखंड में गहराती राजनीतिक खाई और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की विवादास्पद प्रकृति उजागर होती है। यह युवा आंदोलनों के राजनीतिक हेरफेर और परीक्षा संचालन में जवाबदेही के बारे में सवाल खड़े करता है।
मुख्य तथ्य
- •CM's Allegation: Opposition leaders' pockets are 'full of notes' to 'buy democracy'.
- •Exam Company Connection: TDPL (exam conducting company) has a Uttar Pradesh connection, alleging conspiracy.
- •Government Action: Some exams cancelled, most student demands met. IITs to be consulted for reform.
- •Police Action: CM defended police handling of student march near Assembly.
- •Protest Target: JPSC-JSSC exam irregularities.
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