विपक्षी गठबंधन ने CJI को लिखा पत्र, EC की SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विपक्षी गठबंधन 'INDIA' समेत 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक संयुक्त पत्र लिखकर चुनाव आयोग (EC) की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। 8 जून को हुई एक बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया था कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाए, जिसके बाद जस्टिस सूर्यकांत को यह पत्र भेजा गया है। टीएमसी, आप और डीएमके जैसी प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियां भी इस पहल में शामिल हैं, जो चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रही हैं।
AI सारांश
3 bulletsविपक्ष ने EC की SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का…
23 विपक्षी राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद के गठबंधन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक संयुक्त पत्र भेजा है। उनकी मुख्य चिंता चुनाव आयोग (EC) की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर है। पार्टियों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की अखंडता कमजोर हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का सामूहिक निर्णय 8 जून को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में मजबूत हुआ। इस बैठक में 21 राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने भी भाग लिया। इस सहमति के बाद, चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के संबंध में अपनी शिकायतों को दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का आग्रह करते हुए जस्टिस सूर्यकांत को पत्र भेजा गया।
प्रमुख क्षेत्रीय दल भी गठबंधन में शामिल
तृणमूल कांग्रेस (TMC), आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सहित प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक दल भी इस समन्वित प्रयास में शामिल हो गए हैं। उनकी भागीदारी चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रथाओं के संबंध में राजनीतिक स्पेक्ट्रम में व्यापक चिंता को रेखांकित करती है। ये दल सामूहिक रूप से एक निष्पक्ष चुनावी प्रणाली बनाए रखने में चुनाव आयोग की मूलभूत भूमिका और कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
SIR प्रक्रिया को समझना
स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए लागू की गई एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें चुनाव अधिकारी मतदाताओं का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करते हैं। इसका उद्देश्य डुप्लीकेट प्रविष्टियों, मृत व्यक्तियों, या उन लोगों को हटाना है जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं, जबकि साथ ही नए पात्र युवा मतदाताओं (18 वर्ष और उससे अधिक) को मतदाता सूची में जोड़ना है।
क्यों मायने रखता है
भारत के मुख्य न्यायाधीश को 23 विपक्षी दलों का यह संयुक्त पत्र भारत में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर चिंता को उजागर करता है, जिससे चुनाव आयोग के कामकाज के संबंध में महत्वपूर्ण कानूनी और राजनीतिक बहस छिड़ सकती है।
मुख्य तथ्य
- •Parties Involved: 23 opposition parties and 1 independent MP
- •Recipient of Letter: Chief Justice of India (CJI)
- •Process Challenged: Election Commission's Special Intensive Revision (SIR) process
- •Allegation: Lack of transparency in SIR process
- •Meeting Date: June 8
- •Key Parties Included: TMC, AAP, DMK
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