जयपुर: कॉन्स्टेबल ₹20 हजार घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
जयपुर में एक कॉन्स्टेबल नोरत मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मुहाना थाने के 112 ERV में तैनात मीणा ने एक परिवार को SC-ST एक्ट के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर ₹50,000 की मांग की थी। उसने उनकी सब्जी की दुकान बंद कराने की धमकी भी दी थी। मीणा को रिश्वत लेते पकड़ा गया, जबकि इस मामले में शामिल दूसरा कॉन्स्टेबल सुरेश चौधरी फरार हो गया। ACB मीणा की संपत्ति और फरार कॉन्स्टेबल की भूमिका की जांच कर रही है।
AI सारांश
3 bulletsकॉन्स्टेबल रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया
गुरुवार शाम को जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कॉन्स्टेबल नोरत मीणा को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मीणा, जो मुहाना थाना क्षेत्र में 112 आपातकालीन सेवा (ERV) में तैनात था, को ACB द्वारा बिछाए गए जाल में पकड़ा गया।
SC-ST एक्ट के तहत जबरन वसूली की धमकी
कॉन्स्टेबल मीणा पर एक परिवार से कुल ₹50,000 की रिश्वत मांगने का आरोप है, उन्हें SC-ST एक्ट के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई थी। उसने सब्जी की दुकान चलाने वाले परिवार को यह भी धमकी दी थी कि यदि उन्होंने उसकी मांगों का पालन नहीं किया तो वह उन्हें कारोबार करने से रोकेगा।
एसीबी जांच और जाल बिछाकर कार्रवाई
एसीबी को मीणा की मांगों के संबंध में एक शिकायत मिली थी और आरोपों की पुष्टि करने के बाद, एक जाल बिछाने की योजना बनाई गई। शिकायतकर्ता और आरोपी ₹20,000 के भुगतान पर सहमत हुए, जिसके बाद मीणा को पैसे लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
दूसरा कॉन्स्टेबल फरार
इस रिश्वतखोरी के मामले में एक अन्य कॉन्स्टेबल सुरेश चौधरी भी implicated था, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचकर फरार हो गया है। ACB कथित जबरन वसूली में उसकी भूमिका की जांच कर रही है और उसे ढूंढने के लिए आगे की पूछताछ कर रही है।
आगे की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद, ACB टीमों ने कॉन्स्टेबल मीणा के आवास की तलाशी ली और वर्तमान में उससे पूछताछ कर रही हैं। अधिकारी उसकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति की जांच के लिए उसकी संपत्ति की भी जांच कर रहे हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना कानून प्रवर्तन में भ्रष्टाचार की व्यापक समस्या को उजागर करती है, विशेष रूप से SC-ST अधिनियम जैसे कानूनों का दुरुपयोग जबरन वसूली के लिए किया जा रहा है, जिससे जनता का विश्वास और उचित प्रक्रिया कमजोर होती है।
मुख्य तथ्य
- •Arrested Individual: Constable Norat Meena
- •Arresting Agency: Anti-Corruption Bureau (ACB)
- •Bribe Amount: ₹20,000 (initially demanded ₹50,000)
- •Location of Arrest: Jaipur, Muhana Police Station area
- •Allegation: Demanding bribe to avoid false SC-ST Act charges and disrupt business
- •Absconding Suspect: Constable Suresh Chaudhary
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