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जंतर मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान JNUSU नेता अस्पताल में भर्ती

Briovo· 05 Jul 2026, 11:16 am IST
जंतर मंतर पर भूख हड़ताल के दौरान JNUSU नेता अस्पताल में भर्ती

जेएनयूएसयू की संयुक्त सचिव दानिश अली को जंतर-मंतर, दिल्ली में भूख हड़ताल के दौरान उनका ब्लड शुगर खतरनाक स्तर पर गिरने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। अली, मध्य प्रदेश की एक पीएचडी शोधार्थी और प्रमुख छात्र नेता हैं, जो हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों के लिए जानी जाती हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित यह विरोध प्रदर्शन 15वें दिन में प्रवेश कर गया है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। अन्य कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।

AI सारांश

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छात्र नेता की गंभीर स्थिति

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) की संयुक्त सचिव दानिश अली को शनिवार को गंभीर हालत में आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका रक्त शर्करा स्तर गिरकर 46 mg/dL हो गया था, जिसके लिए तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप और अंतःशिरा तरल पदार्थ की आवश्यकता पड़ी। अली सात दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थीं।

परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

दानिश अली दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल में शामिल थीं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 20 जून को शुरू किया गया यह विरोध प्रदर्शन नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। यह आंदोलन अब अपने 15वें दिन में प्रवेश कर गया है।

कौन हैं दानिश अली?

दानिश अली JNU के सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज में पीएचडी शोधार्थी हैं और JNUSU में यूनाइटेड लेफ्ट पैनल का प्रतिनिधित्व करती हैं। नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश के एक छोटे से गाँव से आने वाली, वह हाशिए पर पड़े समुदायों की वकालत करने वाले अपने सशक्त भाषणों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने नवंबर 2023 में JNUSU संयुक्त सचिव चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की थी।

बढ़ता समर्थन और तात्कालिकता

सीजेपी विरोध को AAP सांसद संजय सिंह और सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों से समर्थन मिला है। विरोध आयोजकों ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भेजकर उनसे आंदोलन को संबोधित करने और शिक्षा मंत्री को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया है। वे इस बात पर जोर देते हैं कि वांगचुक की भूख हड़ताल एक नैतिक दबाव युक्ति है, और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हैं।

क्यों मायने रखता है

कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र नेता का अस्पताल में भर्ती होना ऐसी गतिविधियों की बढ़ती तीव्रता और मानवीय लागत को दर्शाता है। यह शैक्षणिक संस्थानों में जवाबदेही की मांगों पर राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करता है और प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के बारे में चिंताएं बढ़ाता है।

मुख्य तथ्य

  • Protest Leader Hospitalized: Danish Ali, JNUSU Joint Secretary
  • Hospitalization Reason: Blood sugar dropped to 46 mg/dL
  • Protest Location: Jantar Mantar, New Delhi
  • Protest Duration: 15 days (CJP protest), Day 7 (Sonam Wangchuk's hunger strike), Day 7 (Danish Ali's hunger strike)
  • Key Demand: Union Education Minister Dharmendra Pradhan's resignation
  • Organizing Body: Cockroach Janta Party (CJP)

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