सुरसुरा अतिक्रमण हटाओ अभियान: पथराव के बाद 5 गिरफ्तार
किशनगढ़ के सुरसुरा में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान तनाव बढ़ गया। राजस्व और पुलिस टीम पर कृषि भूमि तक जाने वाले रास्ते से अतिक्रमण हटाते समय पथराव हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा शांति भंग करने के आरोप में एक महिला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया। नायब तहसीलदार सुभाष रोज और थाना प्रभारी रामस्वरूप चौधरी के नेतृत्व में टीम ने जेसीबी की मदद से सफलतापूर्वक रास्ते को चौड़ा किया, जिससे किसानों और ग्रामीणों के लिए आवागमन आसान हो सके। प्रशासन ने सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर भविष्य में अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
AI सारांश
3 bulletsअतिक्रमण हटाने को लेकर संघर्ष
मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ किशनगढ़ के सुरसुरा गांव में कृषि भूमि तक जाने वाले रास्ते से अतिक्रमण हटाने पहुंची। जैसे ही ध्वस्तीकरण शुरू हुआ, कुछ लोगों ने कथित तौर पर अधिकारियों पर पथराव करना शुरू कर दिया, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
पुलिस नियंत्रण और गिरफ्तारियां
पुलिस ने अशांति को नियंत्रित करने और मौके पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया। इस गड़बड़ी के संबंध में, सरकारी कर्तव्यों में बाधा डालने और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में एक महिला सहित पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
किसानों की पहुंच के लिए सड़क चौड़ी की गई
विरोध के बावजूद, टीम ने सड़क चौड़ीकरण के अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। खसरा नंबर 641 और 646 से बाधाओं को हटाने के लिए जेसीबी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को उनकी कृषि भूमि तक बेहतर और आसान पहुंच प्रदान करना है।
मौके पर अधिकारी मौजूद
अतिक्रमण हटाओ अभियान नायब तहसीलदार सुभाष रोज के नेतृत्व में चलाया गया। थाना प्रभारी रामस्वरूप चौधरी, एएसआई बनवारी लाल विश्नोई, गिरदावर मंजू लता, पटवारी दिनेश माली और पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल भी ऑपरेशन के सुचारू निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए मौजूद थे।
प्रशासन का कड़ा रुख
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि सार्वजनिक सड़कों, सरकारी भूमि और राजस्व-रिकॉर्डेड मार्गों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि सार्वजनिक आवाजाही में बाधा डालने वाले किसी भी अतिक्रमण के खिलाफ भविष्य में कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और शून्य-सहिष्णुता की नीति बनाए रखी जाएगी।
क्यों मायने रखता है
यह घटना भूमि अतिक्रमण को लेकर स्थानीय समुदायों और अधिकारियों के बीच चल रहे संघर्षों को उजागर करती है, जिससे सार्वजनिक पहुंच और कानून का शासन प्रभावित होता है।
मुख्य तथ्य
- •Location: Sursura village, Kishangarh, Ajmer, Rajasthan
- •Date of incident: Tuesday
- •Road widened: Access road to agricultural land (Khasra No. 641 and 646)
- •Arrests made: 5 (including one woman)
- •Equipment used: JCB
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