शिवसेना (यूबीटी) ने विभाजन की आशंकाओं के बीच ₹15 करोड़ की "हॉर्स-ट्रेडिंग" का आरोप…
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया है कि कुछ सांसदों को पार्टी बदलने के लिए ₹15 करोड़ की पेशकश की गई, और वे नांदेड़ व पुणे से चार्टर्ड उड़ानों से रवाना हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र 2022 के विभाजन को बर्दाश्त नहीं करेगा। राउत ने संभावित दलबदलुओं को चुनौती दी कि वे अपनी संसदीय सीटों से इस्तीफा दें और नया जनादेश मांगें। सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को इस स्थिति के संबंध में पत्र लिखा है। राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन ही मौजूद थे, जिससे आंतरिक असंतोष की अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक दलबदल की घोषणा नहीं हुई है। यह महाराष्ट्र में नई राजनीतिक अस्थिरता के बीच आया है।
AI सारांश
3 bulletsहॉर्स-ट्रेडिंग के आरोप
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि अज्ञात संस्थाओं द्वारा कई पार्टी सांसदों को दलबदल के लिए ₹15 करोड़ की पेशकश की गई है। उन्होंने दावा किया कि कुछ सांसद पहले ही नांदेड़, पुणे और दो अन्य अज्ञात स्थानों से चार्टर्ड उड़ानों से रवाना हो चुके थे, जो पार्टी को अस्थिर करने के एक समन्वित प्रयास की ओर इशारा करता है।
2022 की पुनरावृत्ति के खिलाफ चेतावनी
राउत ने 2022 के राजनीतिक संकट की पुनरावृत्ति के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है, जब शिवसेना का विभाजन हुआ था, जिससे सरकार बदल गई थी। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी को तोड़ने के ऐसे प्रयास जारी रहे तो महाराष्ट्र के लोग और शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे, राजनीतिक अवसरवाद के खिलाफ जनभावना पर जोर दिया।
दलबदलुओं को चुनौती
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने किसी भी संभावित दलबदलुओं को चुनौती दी कि वे किसी अन्य पार्टी में शामिल होने से पहले अपनी संसदीय सीटों से इस्तीफा दें। उन्होंने उनसे एक नए चुनाव का सामना करने और जनता से जनादेश मांगने का आग्रह किया, यह उजागर करते हुए कि सांसदों को पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व की कड़ी मेहनत के कारण चुना गया था।
लोकसभा अध्यक्ष को सूचित किया गया
सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर उन्हें सामने आ रही राजनीतिक स्थिति और कथित दलबदल के प्रयासों से अवगत कराया है। इस कदम का उद्देश्य इस मामले पर संसदीय निगरानी लाना और संभावित रूप से किसी भी असंवैधानिक कार्रवाई को रोकना है।
बढ़ता आंतरिक असंतोष
शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन ने संजय राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया, जिससे बढ़ते आंतरिक असंतोष के बारे में चिंताएं बढ़ गईं। हालांकि कोई आधिकारिक दलबदल की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अधिकांश सांसदों की अनुपस्थिति ने एक आसन्न विभाजन के बारे में अटकलों को जन्म दिया है, जो राज्य में पिछली राजनीतिक चालों की याद दिलाता है।
क्यों मायने रखता है
"हॉर्स-ट्रेडिंग" और संभावित दलबदल के आरोप शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र की राजनीति के भीतर गहरी अस्थिरता को उजागर करते हैं, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Alleged Offer: ₹15 crore per MP
- •Departure Points: Nanded, Pune, and two other locations
- •Total Shiv Sena (UBT) MPs: 9
- •MPs Present at Press Conference: 3
- •Lok Sabha Speaker Notified: Yes, by MP Arvind Sawant
- •Previous Split: 2022, led by Eknath Shinde
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