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रामदेवरा में मानसिक स्वास्थ्य पर विधिक साक्षरता शिविर

Briovo· 26 Jul 2026, 05:30 am IST
रामदेवरा में मानसिक स्वास्थ्य पर विधिक साक्षरता शिविर

जैसलमेर के रामदेवरा में मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता पर केंद्रित एक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। पोकरण की तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. महेंद्र कुमार गोयल के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में महिलाओं को प्रभावित व्यक्तियों के संवैधानिक अधिकारों, मुफ्त कानूनी सहायता और पुनर्वास योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसमें पॉक्सो एक्ट 2013 और घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम 2005 को भी शामिल किया गया तथा बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया गया। उपस्थित लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस पहल का उद्देश्य कानूनी जागरूकता के माध्यम से कमजोर समूहों को सशक्त बनाना है।

AI सारांश

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कमजोर वर्गों के लिए विधिक जागरूकता

शनिवार को रामदेवरा की नई नाडी साइट पर एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य जनता, विशेषकर महिलाओं को मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से पीड़ित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों और सहायता के बारे में शिक्षित करना था।

न्यायिक अधिकारियों का मार्गदर्शन

यह शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर की कार्ययोजना के तहत आयोजित किया गया। इसका विशेष मार्गदर्शन अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. महेंद्र कुमार गोयल ने किया।

अधिकारों और योजनाओं पर ध्यान केंद्रित

अधिकार मित्र पीएलवी राजेंद्र कुमार सोलंकी ने भाग लेने वाली महिलाओं को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मानसिक रूप से बीमार और बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बनाए गए संवैधानिक अधिकारों, मुफ्त कानूनी सहायता और पुनर्वास योजनाओं के बारे में बताया। सत्र ने विशेष रूप से इन समूहों के लिए 'विधिक सेवा योजना 2024' पर प्रकाश डाला।

सामाजिक बुराइयों और संरक्षण अधिनियमों को संबोधित करना

मानसिक स्वास्थ्य के अलावा, शिविर में पॉक्सो एक्ट 2013 और घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम 2005 जैसे महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में भी जागरूकता बढ़ाई गई। प्रतिभागियों को पीड़ित प्रतिकर योजना और राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही बाल विवाह और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ने का आग्रह किया गया।

मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करना

निरंतर समर्थन सुनिश्चित करने के लिए, महिलाओं को टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें आवश्यकता पड़ने पर मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए इस सेवा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी न्याय से वंचित न रहे।

क्यों मायने रखता है

इस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को मानसिक बीमारी और बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कानूनी अधिकारों और सहायता प्रणालियों के बारे में शिक्षित करना था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और न्याय तक पहुंच को बढ़ावा मिल सके।

मुख्य तथ्य

  • Organizer: Taluka Legal Services Committee, Pokaran
  • Location: New Nadi Site, Ramdevra, Jaisalmer
  • Topic: Mental illness and intellectual disability, legal rights
  • Key Speaker: Adhikar Mitra PLV Rajendra Kumar Solanki
  • Helpline: Toll-free helpline 15100

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