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पोकरण अस्पताल में मधुमेह रोगियों के लिए इंसुलिन नहीं

Briovo· 14 Jul 2026, 08:31 pm IST
पोकरण अस्पताल में मधुमेह रोगियों के लिए इंसुलिन नहीं

पोकरण में मधुमेह के मरीज मुश्किलों का सामना कर रहे हैं क्योंकि सरकारी जिला अस्पताल में पिछले चार महीनों से रेग्युलर और न्यूट्रल इंसुलिन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देशों में इन विशिष्ट प्रकारों की सिफारिश की गई है, लेकिन इनकी अनुपलब्धता मरीजों को बाजार से महंगे दामों पर इन्हें खरीदने के लिए मजबूर कर रही है। यह अस्पताल रोजाना 800-1000 मरीजों को सेवाएं देता है और आमतौर पर ये इंजेक्शन मुफ्त प्रदान करता है। अधिकारी अब वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्थानीय खरीद पर विचार कर रहे हैं।

AI सारांश

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पोकरण अस्पताल में इंसुलिन की कमी

पोकरण के सरकारी जिला अस्पताल में पिछले चार महीनों से रेग्युलर और न्यूट्रल इंसुलिन इंजेक्शन की अनुपलब्धता के कारण मधुमेह के मरीज गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इंसुलिन के ये विशिष्ट प्रकार महत्वपूर्ण हैं और केंद्र सरकार के नए उपचार दिशानिर्देशों द्वारा अनुशंसित हैं, फिर भी उनकी आपूर्ति बाधित बनी हुई है, जिससे मरीजों के लिए गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।

मरीज महंगे विकल्पों को खरीदने पर मजबूर

लंबे समय से चली आ रही कमी ने मधुमेह रोगियों को इन महत्वपूर्ण इंजेक्शनों को खुले बाजार से काफी अधिक कीमतों पर खरीदने के लिए मजबूर कर दिया है। यह एक बड़ा वित्तीय बोझ पैदा करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो मुफ्त दवाओं और नियमित देखभाल के लिए अस्पताल पर निर्भर हैं। कई मरीजों को रोजाना इंसुलिन की आवश्यकता होती है, जिससे चल रही अनुपलब्धता एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

रोजाना की मरीज सेवाओं पर असर

पोकरण जिला अस्पताल एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है, जो रोजाना लगभग 800 से 1000 मरीजों को सेवा प्रदान करता है। आवश्यक इंसुलिन की कमी इसके मरीज आधार के एक महत्वपूर्ण हिस्से को प्रभावित करती है, खासकर मधुमेह का प्रबंधन करने वालों को। यह व्यवधान अस्पताल की व्यापक और मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की क्षमता को कमजोर करता है।

आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रस्तावित समाधान

राजकीय जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी प्रकाश चौधरी के अनुसार, दोनों अनुपलब्ध इंसुलिन प्रकारों की मांग भेजी गई है, लेकिन वे जिला औषध भंडार में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों से स्वीकृति प्राप्त कर स्थानीय स्तर पर बाजार से इंजेक्शन खरीदने और मरीजों को वितरित करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

क्यों मायने रखता है

सरकारी अस्पताल में आवश्यक इंसुलिन की अनुपलब्धता मधुमेह रोगियों को, जिनमें से कई मुफ्त चिकित्सा सेवाओं पर निर्भर हैं, अपनी महत्वपूर्ण दवा के लिए भारी वित्तीय बोझ उठाने पर मजबूर करती है, जिससे उनके स्वास्थ्य और वित्तीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Affected Hospital: Government District Hospital, Pokaran
  • Missing Insulin Types: Regular and Neutral
  • Duration of Unavailability: Four months
  • Daily Patient Count (Hospital): 800-1000
  • Solution being considered: Local procurement of insulin

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