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भगोड़े अपराधियों में अलवर राजस्थान में अव्वल

Briovo· 17 Jun 2026, 10:16 am IST3
भगोड़े अपराधियों में अलवर राजस्थान में अव्वल

राजस्थान के अलवर जिले में भगोड़े अपराधियों की संख्या सबसे अधिक है, जहाँ 984 अपराधी अब भी फरार हैं। इस साल जनवरी से अप्रैल तक राज्य भर में कुल दर्ज 12,408 भगोड़ों में से 11,486 अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने कड़ी चेतावनी जारी की है कि यदि उनके अधिकार क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटरों द्वारा दोबारा कोई अपराध किया जाता है तो थाना अधिकारी (SHO) के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक (SP) भी जिम्मेदार होंगे। पुलिस ने 2025 से इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जो विभिन्न गंभीर अपराधों में शामिल हैं।

AI सारांश

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भगोड़े अपराधियों में अलवर सबसे आगे

राजस्थान के अलवर जिले में भगोड़े अपराधियों की संख्या सर्वाधिक है, जहाँ 984 अपराधी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह आंकड़ा क्षेत्र में कानून प्रवर्तन के लिए एक बड़ी चुनौती को दर्शाता है। राज्यव्यापी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से अप्रैल तक 12,408 भगोड़े दर्ज किए गए थे, जिनमें से 11,486 अभी भी गिरफ्तारी से बच रहे हैं।

डीजीपी ने एसपी को दी जवाबदेही की चेतावनी

एक कड़े निर्देश में, पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने कहा है कि यदि उनके जिले में कोई भी हिस्ट्रीशीटर अपराध करता है तो पुलिस अधीक्षक (SP) सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे। यह चेतावनी पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के लिए जवाबदेही के एक नए स्तर पर जोर देती है, जो सिर्फ थाना अधिकारी (SHO) से आगे है। इसका उद्देश्य ज्ञात अपराधियों पर निगरानी और नियंत्रण को मजबूत करना है।

2025 से चल रहा है विशेष अभियान

हत्या, लूट, डकैती, अवैध हथियार, गोतस्करी और संगठित अपराधों में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए 2025 में एक विशेष अभियान शुरू किया गया था। लगातार प्रयासों और छापों के बावजूद, इनमें से कई अपराधी भागने में सफल हो जाते हैं, अक्सर सूचना लीक होने के कारण। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए एक हजार से एक लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा भी की है।

भगोड़ों का क्षेत्रीय वितरण

अलवर के अलावा, अन्य क्षेत्रों में भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। जयपुर रेंज में 2,647 भगोड़े अपराधी दर्ज हैं, इसके बाद जयपुर कमिश्नरेट में 2,176 और भरतपुर रेंज में 1,408 हैं। जिलों में, अलवर के बाद, जयपुर पश्चिम में 769, डीग में 630, जयपुर पूर्व में 627, और उदयपुर में 533 भगोड़े हैं, जो राज्य भर में एक व्यापक समस्या का संकेत देते हैं।

हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी पर जोर

डीजीपी ने अधिकारियों को हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और पांच साल से अधिक पुराने अनसुलझे हत्या के मामलों को जल्द से जल्द निपटाने का भी निर्देश दिया है। अकेले अलवर जिले में 207 हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनमें शहरी क्षेत्रों और कोटवाल व अरावली जैसे विशिष्ट पुलिस थाना क्षेत्रों में सर्वाधिक संख्या है।

क्यों मायने रखता है

भगोड़े अपराधियों की बड़ी संख्या राजस्थान, विशेषकर अलवर में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा करती है। डीजीपी का निर्देश पुलिस अधिकारियों के बीच जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से है, ताकि अपराधियों को ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के लिए अधिक कड़े उपाय किए जा सकें। यह स्थिति कानून व्यवस्था बनाए रखने की लगातार चुनौती को उजागर करती है और संगठित अपराधों तथा बार-बार होने वाले अपराधों से निपटने के लिए अधिक प्रभावी रणनीतियों की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करती है।

मुख्य तथ्य

  • Number of absconding criminals in…: 984
  • Total absconding criminals in…: 11,486
  • Total recorded fugitives in…: 12,408
  • Year special campaign started: 2025
  • Number of history-sheeters in Alwar…: 207

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