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अयोध्या राम मंदिर में SIT की 8 घंटे की जांच

Briovo· 02 Jul 2026, 10:40 pm IST
अयोध्या राम मंदिर में SIT की 8 घंटे की जांच

राम मंदिर दान चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अयोध्या में 8 घंटे तक गहन जांच की है। टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों, जिनमें चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा शामिल हैं, से पूछताछ की। जांच सुरक्षा व्यवस्था, दान संग्रह प्रक्रिया और कर्मचारियों की नियुक्तियों पर केंद्रित थी। आईपीएस किरण एस के नेतृत्व में हुई इस लंबी जांच का उद्देश्य दान के कथित गबन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को उजागर करना है। इसी बीच, आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस रिमांड मिली है, जिसके घर से भारी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा और कीमती आभूषण बरामद हुए थे, जिससे वह इस मामले का मुख्य संदिग्ध बन गया है।

AI सारांश

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अयोध्या में SIT की मैराथन जांच

राम मंदिर में कथित दान गबन मामले को लेकर एक विशेष जांच दल (SIT) ने अयोध्या में 8 घंटे की जांच की। यह पड़ताल दोपहर 1:40 बजे से रात 8:30 बजे तक चली, जो इसकी गहनता को दर्शाता है। इस टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी किरण एस ने किया, जिन्होंने मंदिर परिसर की बारीकी से जांच की।

ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ

गहन पूछताछ के दौरान, SIT ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों, जिसमें महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव शामिल हैं, से पूछताछ की। सवालों का केंद्र मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, दान संग्रह प्रक्रिया और कर्मचारियों की नियुक्ति के मानदंड थे। हालांकि, SIT या ट्रस्ट द्वारा इन पूछताछों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कर्मचारियों और निधि प्रबंधन पर ध्यान

SIT ने दान संग्रह की प्रक्रिया और इन योगदानों की गिनती में शामिल कर्मचारियों के चयन की समीक्षा की। विशेष रूप से, डॉ. अनिल मिश्रा से बैंक कर्मचारियों की नियुक्ति, उनके परिचय और उनके चयन के लिए उपयोग किए गए मानकों के बारे में पूछताछ की गई। बैंक से यह जानकारी जुटाई गई कि किस कर्मचारी की सिफारिश किसने की थी, जिसका उद्देश्य स्टाफिंग में संभावित अनियमितताओं को समझना था।

अविनाश शुक्ला को रिमांड मिली

इस मामले में एक महत्वपूर्ण आरोपी अविनाश शुक्ला को अयोध्या की अदालत ने 24 घंटे की पुलिस रिमांड दी है। पुलिस ने शुक्ला से कथित हेराफेरी, बरामद नकदी के स्रोत और अन्य संदिग्धों से उसके संबंधों के संबंध में गहन पूछताछ के लिए 48 घंटे की रिमांड मांगी थी। उसके घर से ₹20.39 लाख नकद, $1,121 और सोने-चांदी के आभूषण सहित बड़ी मात्रा में बरामदगी हुई थी।

व्यापक जांच एवं बरामदगी

जांच में विभिन्न आरोपियों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। अविनाश शुक्ला के अलावा, करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामाशंकर मिश्रा और रामाशंकर यादव जैसे अन्य गिरफ्तार व्यक्तियों से भी काफी नकदी मिली है। इस बीच, अविनाश शुक्ला जिस योग केंद्र में रहता था, वहां से ‘रामराज्य कोष’ के नाम से एक क्यूआर कोड वाला दानपात्र मिला है, जिससे मामले में एक और परत जुड़ गई है।

क्यों मायने रखता है

राम मंदिर भारत में अत्यधिक धार्मिक महत्व और जन विश्वास का प्रतीक है। दान चोरी के आरोप न केवल इस विश्वास को खतरे में डालते हैं, बल्कि ऐसे पूजनीय संस्थानों में सार्वजनिक योगदान के प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल उठाते हैं।

मुख्य तथ्य

  • Investigation Duration: 8 hours
  • Officials Questioned: Champat Rai, Dr. Anil Mishra, Gopal Rao
  • Lead Investigator: IPS Kiran S
  • Accused Remanded: Avinash Shukla (24-hour police remand)
  • Largest Recovery: ₹20.39 lakh cash, $1,121, gold, silver from Avinash Shukla's home
  • Total Arrests: 8 people involved in donation counting

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