रेलवे नौकरी झांसे में शिक्षिका से ₹2 लाख की ठगी
मुंगेली की संविदा शिक्षिका इशिता बासु को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर गजाधर सिंह ने कथित तौर पर 2 लाख रुपये ठग लिए। बासु ने, जो स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत हैं, 21-24 सितंबर 2024 के बीच फोन-पे के माध्यम से यह रकम दी थी, जिसके लिए उन्होंने पर्सनल लोन लिया था। नौकरी न मिलने पर उन्हें पता चला कि ऐसी कोई रिक्ति नहीं थी। तोरवा पुलिस ने रेलवे सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी बताए जा रहे गजाधर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। बासु अभी भी लोन चुका रही हैं।
AI सारांश
3 bulletsशिक्षिका बनी नौकरी घोटाले का शिकार
छत्तीसगढ़ के मुंगेली की संविदा शिक्षिका इशिता बासु कथित तौर पर रेलवे नौकरी धोखाधड़ी का शिकार हो गईं। उन्हें गजाधर सिंह नामक व्यक्ति ने रेलवे में बंगला चपरासी के पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया था। यह घटना प्रतिष्ठित क्षेत्रों में रोजगार का वादा करने वाली ऐसी कपटपूर्ण योजनाओं के प्रति नौकरी चाहने वालों की भेद्यता को रेखांकित करती है।
आर्थिक नुकसान और कर्ज का बोझ
बासु ने कथित तौर पर 21 से 24 सितंबर, 2024 के बीच फोन-पे के माध्यम से ऑनलाइन लेनदेन से गजाधर सिंह को 2 लाख रुपये का भुगतान किया था। इस बड़ी रकम का इंतजाम करने के लिए, उन्हें एसएमएफजी (SMFG) से 2.25 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण लेना पड़ा, जिसकी ईएमआई वह अभी भी चुका रही हैं। यह इस तरह के घोटालों के कारण होने वाली गंभीर वित्तीय परेशानी को उजागर करता है।
धोखाधड़ी का खुलासा, कोई रिक्ति नहीं
वादे के मुताबिक नौकरी न मिलने पर काफी समय बीत जाने के बाद, इशिता बासु ने पूछताछ शुरू की। उनकी जांच में पता चला कि रेलवे में उक्त पद के लिए कोई मौजूदा रिक्ति या चल रही भर्ती प्रक्रिया नहीं थी। इस खोज ने नौकरी के प्रस्ताव की कपटपूर्ण प्रकृति को उजागर किया।
पुलिस ने मामला दर्ज किया, आरोपी की तलाश जारी
ठगी का एहसास होने पर, बासु ने तोरवा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर, गजाधर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने चल रही जांच और आरोपी की सक्रिय तलाश की पुष्टि की। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना नौकरी घोटालों के आम मुद्दे को उजागर करती है, खासकर सार्वजनिक क्षेत्र में, और नौकरी ढूंढने वाले व्यक्तियों के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करती है, उन्हें नौकरी के प्रस्तावों को सत्यापित करने और पैसे की मांगों का विरोध करने का आग्रह करती है।
मुख्य तथ्य
- •Victim: Ishita Basu, contractual teacher from Mungeli
- •Accused: Gajadhar Singh, reportedly a Railway Assistant Grade-3 employee
- •Amount Defrauded: ₹2 Lakh
- •Method of Payment: Online via PhonePe
- •Loan Taken: ₹2.25 Lakh from SMFG
- •Police Action: Fraud case registered (Torwa Police), investigation ongoing
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