जैसलमेर: लाठी गांव में लटके बिजली के तारों से ग्रामीणों को करंट का डर
जैसलमेर के लाठी गांव में मंगलवार को बिजली लाइन में खराबी आने से तार खतरनाक तरीके से लटक गए हैं, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। बिजली विभाग को तत्काल शिकायत के बावजूद, देर शाम तक कोई भी कर्मचारी समस्या का समाधान करने नहीं पहुंचा। इस लापरवाही ने निवासियों के बीचLाफी चिंता पैदा कर दी है, जो लोगों और जानवरों दोनों के लिए एक बड़ी दुर्घटना की आशंका को लेकर चिंतित हैं। वे किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना को रोकने के लिए तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
AI सारांश
3 bulletsलाठी में खतरनाक तार
मंगलवार दोपहर को जैसलमेर के लाठी गांव में बिजली लाइन में खराबी के कारण खुले तार खतरनाक तरीके से लटक गए। इस घटना से स्थानीय निवासियों में काफी दहशत फैल गई है, जो अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
आरोपित विभागीय लापरवाही
ग्रामीणों ने तत्काल बिजली विभाग को फॉल्ट की सूचना दी, लेकिन उनकी शिकायतों के बावजूद, देर शाम तक कोई भी विभागीय कर्मचारी समस्या का समाधान करने नहीं पहुंचा। प्रतिक्रिया की इस कमी ने समुदाय के बीच गुस्सा और निराशा बढ़ा दी है।
जान और पशुधन को खतरा
कुशाल राम परिहार सहित निवासियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त और लटकते तार मनुष्यों और जानवरों दोनों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करते हैं। बिजली के झटके से किसी भी क्षण एक बड़ी दुर्घटना होने का लगातार डर बना हुआ है।
तत्काल मरम्मत की मांग
ग्रामीण सामूहिक रूप से बिजली विभाग से मौके पर कर्मियों को भेजकर खराब लाइन की तुरंत मरम्मत करने की मांग कर रहे हैं। वे किसी भी संभावित त्रासदी को रोकने के लिए स्थिति कीMतत्काल आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
क्यों मायने रखता है
लटकते हुए,Sजीवित बिजली के तार बिजली के झटके का तत्काल और गंभीर जोखिम पैदा करते हैं, जोLमनुष्यों और जानवरों के लिए घातक हो सकता है। ऐसीGखराबी को दूर करने में देरी से सुरक्षा संबंधीAगंभीर चिंताएं और विभागीय लापरवाही उजागर होती है।
मुख्य तथ्य
- •Location: Lathi village, Jaisalmer, Rajasthan
- •Incident: Electricity line fault with dangling wires
- •Date of Incident: Tuesday afternoon
- •Department Notified: Electricity Department
- •Department Response: No personnel arrived by late evening despite complaints
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…