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धार्मिक धर्मांतरण मामले में गर्भवती पूर्व TCS कर्मचारी को जमानत

Briovo· 10 Jul 2026, 02:41 pm IST
धार्मिक धर्मांतरण मामले में गर्भवती पूर्व TCS कर्मचारी को जमानत

नासिक की एक विशेष अदालत ने धार्मिक धर्मांतरण मामले में पूर्व टीसीएस कर्मचारी नीदा खान को जमानत दे दी है, जो पांच महीने की गर्भवती हैं। अदालत ने उनकी गर्भावस्था और जांच पूरी होने का हवाला दिया, और जेल में जन्म देने के आघात पर जोर देने के लिए भगवान कृष्ण के कारागार में जन्म लेने के साथ तुलना की। खान पर एक सहकर्मी की धार्मिक मान्यताओं को प्रभावित करने का आरोप था। उन्हें ₹75,000 के निजी मुचलके पर जमानत मिली। यह मामला नासिक में एक टीसीएस इकाई में कथित यौन शोषण और धार्मिक धर्मांतरण की बड़ी जांच का हिस्सा है।

AI सारांश

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गर्भवती आरोपी को मिली जमानत

नासिक की एक विशेष अदालत ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की पूर्व कर्मचारी नीदा खान को जमानत दे दी है, जो पांच महीने की गर्भवती हैं। खान को लगभग दो महीने पहले धार्मिक धर्मांतरण और कार्यस्थल उत्पीड़न के एक मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने जोर देकर कहा कि किसी भी महिला को जेल में बच्चे को जन्म देने का आघात नहीं सहना चाहिए, और मां व नवजात दोनों के कल्याण का हवाला दिया।

अदालत ने भगवान कृष्ण के जन्म का दिया हवाला

विशेष न्यायाधीश के.जी. जोशी ने भगवान कृष्ण के कारागार में जन्म से तुलना करते हुए कहा कि ऐसी घटना का आघात और सामाजिक कलंक असहनीय है। अदालत ने फैसला सुनाया कि नवजात शिशु के कल्याण के लिए खान के पक्ष में न्यायिक विवेक का प्रयोग करना उचित और सही था। यह अनूठी टिप्पणी अदालत के दयालु दृष्टिकोण को उजागर करती है।

धार्मिक दबाव के आरोप

नीदा खान पर एक महिला सहकर्मी की धार्मिक मान्यताओं को प्रभावित करने का आरोप है। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि खान ने सहकर्मी को बुर्का और इस्लामी धार्मिक किताबें दीं, उसके फोन पर इस्लामी ऐप्स इंस्टॉल किए, और उसे नमाज़ अदा करना और हिजाब पहनना सिखाया। ये कार्य कथित तौर पर शिकायतकर्ता को अपना धर्म बदलने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किए गए थे।

जांच पूरी, आरोप पत्र दायर

अदालत ने कहा कि खान के मामले में जांच पूरी हो चुकी है और आरोप पत्र दायर कर दिया गया है। यह पूरा होना उसे जमानत देने का एक महत्वपूर्ण कारक था, क्योंकि निरंतर हिरासत को अनावश्यक माना गया था। खान को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में आरोप पत्र दायर किया गया था, जो एक व्यापक जांच का हिस्सा है।

TCS इकाई में व्यापक जांच

खान का मामला नासिक पुलिस की एक विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही व्यापक जांच से जुड़ा है। इस जांच में नासिक में एक टीसीएस आउटसोर्सिंग इकाई में महिला कर्मचारियों के यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित नौ एफआईआर शामिल हैं। टीसीएस ने ऐसे उत्पीड़न के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति अपनाने की बात कही है।

क्यों मायने रखता है

अदालत का यह फैसला कानूनी कार्यवाही और मानवीय विचारों के बीच के संबंध को दर्शाता है, खासकर गर्भवती बंदियों और नवजात शिशुओं के कल्याण के संबंध में। यह कॉर्पोरेट वातावरण में कार्यस्थल उत्पीड़न और कथित धार्मिक धर्मांतरण की चल रही जांच पर भी प्रकाश डालता है।

मुख्य तथ्य

  • Accused: Nida Khan, former TCS employee
  • Charge: Religious coercion of a colleague
  • Bail Granted: Due to five-month pregnancy and completed investigation
  • Bail Amount: ₹75,000 personal bond
  • Location: Nashik, Maharashtra
  • Broader Probe: Part of 9 FIRs alleging sexual exploitation and religious coercion at TCS unit

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